देवगुड़ी में पूजा-अर्चना के साथ मूल आस्था में लौटा परिवार, खड़कागांव का विवाद थमा
सात सदस्यीय परिवार ने आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार की धर्म वापसी, समाज ने किया सहर्ष स्वागत; गांव में सामान्य हुए हालात

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। खड़कागांव में पिछले कुछ दिनों से धार्मिक आस्था और सामाजिक परंपराओं को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार शाम महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया। विवाद के केंद्र में रहे मंगतू पिता गदलू दुग्गा के परिवार के सभी सात सदस्यों ने गांव की देवगुड़ी में आदिवासी रीति-रिवाजों एवं परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना कर अपने मूल धर्म में वापसी की। इसके बाद आदिवासी समाज ने पूरे परिवार का सहर्ष स्वागत करते हुए उन्हें पुनः गांव के सामाजिक जीवन में शामिल कर लिया। इस घटनाक्रम के साथ ही गांव में बना तनाव काफी हद तक समाप्त हो गया।

जानकारी के अनुसार, दिनभर चली समझाइश और प्रशासनिक प्रयासों के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। इसके बाद मंगतू दुग्गा अपने पूरे परिवार के साथ गांव की देवगुड़ी पहुंचे, जहां पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत परिवार ने सार्वजनिक रूप से अपनी मूल आदिवासी आस्था एवं परंपराओं का पालन करने का संकल्प व्यक्त किया।
समाज ने गले लगाया, साथ रहने का दिया भरोसा
धर्म वापसी के बाद गांव के आदिवासी समाज ने पूरे परिवार को सामाजिक रूप से स्वीकार करते हुए कहा कि अब सभी गांव में पहले की तरह मिल-जुलकर रहेंगे। समाज के लोगों ने परिवार को कंधे से कंधा मिलाकर गांव के विकास और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का भरोसा भी दिलाया।
प्रशासन की समझाइश लाई रंग
संवेदनशील मामले को देखते हुए पूरे दिन पुलिस और प्रशासन गांव में डटे रहे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से लगातार बातचीत की और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनने दी। प्रशासन की मध्यस्थता और ग्रामीणों की सहमति के बाद विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकलने से राहत की स्थिति बनी।
तनाव से सौहार्द तक का सफर
उल्लेखनीय है कि खड़कागांव में धार्मिक मान्यताओं और आदिवासी परंपराओं को लेकर विवाद के बाद एक परिवार को गांव से बाहर कर दिया गया था। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासन ने लगातार दोनों पक्षों से संवाद बनाए रखा। अंततः देवगुड़ी में पारंपरिक पूजा-अर्चना और मूल धर्म में वापसी के बाद विवाद समाप्त हो गया तथा गांव में सामान्य माहौल लौट आया।
गांव में लौटी शांति
समाचार लिखे जाने तक गांव में स्थिति पूरी तरह शांत बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन एहतियातन हालात पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन फिलहाल किसी प्रकार के तनाव की सूचना नहीं है। ग्रामीणों ने भी सामाजिक एकता और परंपराओं के सम्मान के साथ आगे बढ़ने की बात कही।




