अबूझमाड़ के तीन बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, अब कांकेर के प्रतिष्ठित स्कूल में 12वीं तक मुफ्त पढ़ाई
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट उड़ान योजना में चयन से खुला उज्ज्वल भविष्य का रास्ता, बालक आश्रम तोके के तीन विद्यार्थियों ने बढ़ाया नारायणपुर जिले का मान

नारायणपुर, 19 अक्टूबर। अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल में पली-बढ़ी प्रतिभा अब बड़े शैक्षणिक संस्थान में अपने सपनों को नई उड़ान देगी। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित बालक आश्रम तोके के तीन विद्यार्थियों का चयन मुख्यमंत्री उत्कृष्ट उड़ान योजना के तहत कांकेर के जेपी इंटरनेशनल स्कूल में हुआ है। खास बात यह है कि इन विद्यार्थियों की पढ़ाई का पूरा खर्च छत्तीसगढ़ शासन वहन करेगा और वे कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। सीमित संसाधनों वाले दूरस्थ जनजातीय अंचल के इन बच्चों की सफलता ने न केवल आश्रम, बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया है।
चयन परीक्षा में दिखाई प्रतिभा, तीन विद्यार्थियों ने बनाई जगह
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की ओर से संचालित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट उड़ान योजना (पूर्व नाम पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए यह चयन किया गया है।
चयनित विद्यार्थियों में आलोक कुमेटी, निवासी छोटेटोंडाबेड़ा; विराट सलाम, निवासी कानागांव और गोदू राम ध्रुव, निवासी तोके शामिल हैं। तीनों विद्यार्थी वर्तमान में कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत हैं और अबूझमाड़िया विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) समुदाय से आते हैं।
चयन परीक्षा में जिलेभर के पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भाग लिया था। जिले से कुल चार विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जिनमें तीन विद्यार्थी बालक आश्रम तोके के हैं। एक ही संस्था के तीन विद्यार्थियों का चयन होना आश्रम में शिक्षा और विद्यार्थियों को मिल रहे मार्गदर्शन की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
कक्षा 12वीं तक पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट उड़ान योजना के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया जाता है। योजना के तहत विद्यार्थियों की पढ़ाई का संपूर्ण खर्च शासन वहन करेगा। इससे आर्थिक परिस्थितियां उनकी शिक्षा में बाधा नहीं बनेंगी और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
योजना के अंतर्गत पूरे छत्तीसगढ़ से कुल 64 विद्यार्थियों का चयन उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों में किया गया है। ऐसे में अबूझमाड़ के तीन विद्यार्थियों का इस सूची में स्थान बनाना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
बालक आश्रम तोके के 69 से अधिक विद्यार्थियों को मिल चुका है प्रवेश
तीनों विद्यार्थियों के चयन से बालक आश्रम तोके में खुशी का माहौल है। आश्रम अधीक्षक बुधराम कुमेटी ने बताया कि संस्था में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि विगत कई वर्षों में बालक आश्रम तोके के 69 से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से जवाहर नवोदय विद्यालय, प्रयास आवासीय विद्यालय, गुरुकुल पब्लिक स्कूल, संस्कार सिटी इंटरनेशनल, एकलव्य आवासीय विद्यालय और जेपी इंटरनेशनल सहित विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश दिलाने में सफलता मिली है।
अधीक्षक ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उचित मार्गदर्शन, नियमित अध्ययन और प्रोत्साहन मिलने पर वे भी बड़े शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
सफलता पर जताया आभार, उज्ज्वल भविष्य की कामना
अपनी इस उपलब्धि पर तीनों विद्यार्थियों ने कलेक्टर नम्रता जैन, सहायक आयुक्त तनुजा नाग, आश्रम अधीक्षक बुधराम कुमेटी, मंडल संयोजक वासुदेव भारद्वाज, अजय तिवारी तथा आश्रम के समस्त शिक्षक-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विद्यार्थियों की सफलता पर आश्रम अधीक्षक, प्रधान पाठक और समस्त शिक्षक-कर्मचारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अबूझमाड़ के इन तीन विद्यार्थियों का चयन इस बात का उदाहरण है कि उचित अवसर, मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत से दूरस्थ वनांचल के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए आगे बढ़ सकते हैं। जेपी इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 12वीं तक निःशुल्क पढ़ाई का अवसर उनके शैक्षणिक भविष्य को नई दिशा देने की उम्मीद जगाता है।



