नारायणपुर

एड़का क्षेत्र की पेयजल और नेटवर्क समस्या दूर करने जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज

जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेंडी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, जल जीवन मिशन की व्यवस्थाओं में सुधार और 4जी/5जी कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग

 

नारायणपुर, 1 सितंबर। जिला पंचायत क्षेत्र एड़का के ग्रामीण इलाकों में पेयजल और मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेंडी के नेतृत्व में विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए दोनों समस्याओं के समयबद्ध निराकरण की मांग की।

ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल-जल योजनाओं में आवश्यक सुधार कराने के साथ ही पाइपलाइन, मोटर एवं अन्य तकनीकी समस्याओं का निराकरण कर ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। वहीं, एड़का क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मोबाइल टावर उपलब्ध होने के बावजूद नेटवर्क और इंटरनेट की समस्या का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

योजनाएं हैं, अब नियमित सेवा सुनिश्चित करने की मांग

जनप्रतिनिधियों के अनुसार एड़का क्षेत्र के कई गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाएं संचालित हैं, लेकिन विभिन्न तकनीकी कारणों से ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में संबंधित व्यवस्थाओं की जांच कर आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य कराने की मांग की गई है।

ज्ञापन में कानागांव, एड़का, दुग्गाबेंगाल, आमासरा, ईरको, गोरी, कुंम्हनगांव, कातुलबेड़ा, हितुलवाड़ और तेरदुल सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों का उल्लेख किया गया है।

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था नियमित और सुचारु रहना जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभाग द्वारा योजनाओं की जमीनी स्थिति का परीक्षण कर जहां सुधार की जरूरत है, वहां शीघ्र कार्रवाई की जाए।


टावर लगे, लेकिन नेटवर्क की गुणवत्ता का मुद्दा

दूसरे ज्ञापन में एड़का क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी का मुद्दा उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नारायणपुर विकासखंड मुख्यालय से करीब 3 से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित विभिन्न गांवों में मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर नेटवर्क की गुणवत्ता अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।

इसका असर ग्रामीणों के दैनिक कार्यों के साथ-साथ ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन काम, राशन दुकानों में पीडीएस संचालन, ई-केवाईसी, ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाओं पर पड़ने की बात ज्ञापन में कही गई है।

आपात स्थिति में संपर्क भी चुनौती

ज्ञापन में मोबाइल नेटवर्क को केवल सुविधा नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक संचार व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा गया है कि नेटवर्क की कमी के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में 108 एंबुलेंस या चिकित्सकीय सहायता से संपर्क करने में भी परेशानी हो सकती है।

जनप्रतिनिधियों ने संबंधित टेलीकॉम कंपनी की तकनीकी टीम से क्षेत्र का परीक्षण कराने और मौजूदा टावरों की बैंडविड्थ एवं फ्रिक्वेंसी क्षमता बढ़ाने का आग्रह किया है।


जहां जरूरत हो, वहां अतिरिक्त टावर लगाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि तकनीकी सर्वे के बाद जिन गांवों में मौजूदा टावर पर्याप्त कवरेज नहीं दे रहे हैं, वहां अतिरिक्त टावर अथवा आवश्यक नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाए, ताकि एड़का क्षेत्र के गांवों में बेहतर 4जी/5जी कनेक्टिविटी मिल सके।

इससे ग्रामीणों को सरकारी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे स्थानों पर जाने की जरूरत कम होगी।


कलेक्टर ने सुनी समस्याएं, कार्रवाई का भरोसा

प्रतिनिधिमंडल ने दोनों ज्ञापनों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन ने समस्याओं को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अब संबंधित विभागों के स्तर पर पेयजल योजनाओं और मोबाइल नेटवर्क की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।


जनप्रतिनिधि बोले—क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास जारी रहेंगे

जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेंडी ने कहा कि क्षेत्र की जनता से जुड़े मूलभूत विषयों को प्रशासन के समक्ष रखना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। पेयजल और संचार जैसी आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए वे आगे भी संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते रहेंगे।

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