सड़क हादसों पर लगाम के लिए सख्ती, ओवरलोड वाहनों पर चलेगा जांच अभियान
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देश, हाईवे किनारे अनधिकृत ढाबों और भारी वाहनों की पार्किंग का होगा सर्वे

नारायणपुर। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अब सुरक्षा मानकों के पालन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर नम्रता जैन की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, राष्ट्रीय राजमार्गों के रख-रखाव, यातायात व्यवस्था और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन की विभागवार समीक्षा की गई।
बैठक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फलोदी एवं रंगारेड्डी सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में दिए गए निर्देशों के तहत जिले में की जा रही कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के निर्धारित मापदंडों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हाईवे किनारे अनधिकृत ढाबों का होगा सर्वे
कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग को हाईवे किनारे संचालित ऐसे ढाबों का सर्वे करने के निर्देश दिए, जो निर्धारित फैसिलिटी एरिया के लिए अधिसूचित नहीं हैं। सड़क की स्थिति और रख-रखाव के दौरान ठेकेदारों द्वारा अपनाए जा रहे नियमों की जानकारी प्रस्तुत करने को भी कहा गया।
उन्होंने जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के नियमित रख-रखाव तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क किनारे अतिक्रमित भूमि पर संचालित अनधिकृत ढाबों और इनके आसपास ट्रक, ट्रेलर व अन्य भारी वाहनों की अनुचित पार्किंग का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
गड्ढों और खुले जलस्रोतों पर बैरिकेडिंग
बैठक में पीएम राहत एवं राहवीर योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। एनएचएआई एवं हाईवे से अतिक्रमण हटाने संबंधी पालन प्रतिवेदन, सड़कों पर बने गड्ढों और खुले जलस्रोतों के आसपास बैरिकेडिंग तथा ब्लैक स्पॉट के चिन्हांकन और वहां की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई।
पुलिस एवं संबंधित विभागों को सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु और घायलों की स्थिति का नियमित विश्लेषण करने तथा दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए।
आवारा पशुओं के गले में लगेंगी रेडियम पट्टियां
सड़क पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर ने नगर निगम को आवारा पशुओं के गले एवं सींगों में रेडियम पट्टी लगाने तथा उन्हें कांजी हाउस में एकत्रित करने के निर्देश दिए। इससे रात के समय वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद पशु दूर से दिखाई देने और हादसों की आशंका कम होने की उम्मीद है।
ओवरलोड और बिना तिरपाल माल परिवहन पर सख्ती
पुलिस एवं परिवहन विभाग को ओवरलोड वाहनों, ट्रक-ट्रेलर से बाहर निकले सामान, बिना तिरपाल ढंके खनिज एवं अन्य माल के परिवहन तथा मालवाहक वाहनों में यात्रियों के परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने शहर में रिंग रोड निर्माण एवं ट्रांसपोर्ट नगर के लिए प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्तुत करने को भी कहा।
नाबालिगों के वाहन चलाने पर रोक के लिए पालकों की बैठक
जिले के सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों एवं प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के स्कूली बच्चों के स्वयं वाहन चलाकर स्कूल आने पर रोक के संबंध में पालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें जागरूक करें। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर स्कूल स्तर पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
सभी विभाग मिलकर करें सड़क सुरक्षा पर काम
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, नगर निकाय सहित सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एडिशनल एसपी ऐश्वर्या चंद्राकर, एसडीएम अभयजीत मंडावी, डिप्टी कलेक्टर सुनील सोनपिपरे, रक्षित निरीक्षक मोहसिन खान, डीएसपी सुश्री अमृता पैकरा, सीएमएचओ डॉ. टीआर कुंवर, कार्यक्रम अधिकारी लुपेन्द्र महिनांग, आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त सुश्री तनुजा नाग, जिला शिक्षा अधिकारी महेन्द्रनाथ पाण्डे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता एसके वर्मा, लोक निर्माण विभाग के संजय चौहान, परिवहन अधिकारी अनुपम पटेल, जनपद सीईओ ओरछा अमित भाटिया, नारायणपुर गुरमित सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।




