सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को कलेक्टर ने सौंपे पेंशन प्राधिकार पत्र
सूरज सिंह पात्र और लोचन सिंह पात्र का शाल-श्रीफल से सम्मान, कलेक्टर ने स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की दी शुभकामनाएं

नारायणपुर, 1 सितंबर 2026। शासकीय सेवा में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बाद सेवानिवृत्त हुए दो कर्मचारियों को मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन ने उद्यानिकी विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी सूरज सिंह पात्र और शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त शिक्षक लोचन सिंह पात्र को पेंशन प्राधिकार पत्र (पीपीओ) प्रदान किया।
दोनों कर्मचारी 31 अगस्त को अपनी शासकीय सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने दोनों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनके दीर्घ सेवाकाल की सराहना की।
सेवानिवृत्ति जीवन का नया चरण : कलेक्टर
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि सेवानिवृत्ति शासकीय सेवा का समापन भर नहीं, बल्कि जीवन के एक नए और महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत है। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवाकाल के लिए बधाई देते हुए स्वस्थ, सुखमय और सम्मानपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने पेंशन राशि का विवेकपूर्ण और आवश्यकतानुसार उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी जीवन को सकारात्मक ऊर्जा और सक्रियता के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।
सहकर्मियों ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी दोनों सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को बधाई दी। सहकर्मियों ने उनके सेवाकाल को याद करते हुए उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आत्मीय वातावरण में आयोजित समारोह में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मान के साथ विदाई दी गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, जिला कोषालय अधिकारी हरीश साहू, जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ पांडे, उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक जितेश देहारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सेवा से सम्मान तक
शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति के मौके पर पेंशन प्राधिकार पत्र प्रदान किया जाना कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। कार्यक्रम में पीपीओ सौंपे जाने के साथ दोनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। समारोह ने लंबे सेवाकाल के प्रति प्रशासन के सम्मान और सहकर्मियों की आत्मीयता को भी सामने रखा।




