नक्सल मोर्चे पर शौर्य का सम्मान, नारायणपुर के 32 जांबाजों को वीरता पदक
स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस बल की बड़ी उपलब्धि; तत्कालीन एसपी रॉबिन्सन गुड़िया और वर्तमान एसपी संदीप पटेल समेत अधिकारियों-जवानों को मिला गैलेंट्री मेडल

नारायणपुर। नक्सल प्रभावित नारायणपुर में कठिन परिस्थितियों के बीच अदम्य साहस, रणनीतिक कौशल और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के शौर्य को स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा सम्मान मिला है। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष 141 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को वीरता पदक प्रदान किए गए हैं। इनमें 32 अधिकारी एवं जवान नारायणपुर जिले में पदस्थ रहे या वर्तमान में पदस्थ हैं। नक्सल विरोधी अभियानों में उनके उल्लेखनीय योगदान और साहस के लिए मिले इस सम्मान से नारायणपुर पुलिस का गौरव बढ़ा है।

दो एसपी के शौर्य को भी सलाम
वीरता पदक से सम्मानित अधिकारियों में नारायणपुर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुड़िया, भा.पु.से. और वर्तमान पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, भा.पु.से. भी शामिल हैं। दोनों अधिकारियों को नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान प्रभावी नेतृत्व, साहस और कर्तव्यपरायणता के लिए वीरता पदक प्रदान किया गया है।
दो पूर्व डीएसपी भी सम्मानित
नारायणपुर जिले में उप पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके विनय कुमार साहू और प्रशांत देवांगन को भी नक्सल विरोधी अभियानों में उनके अदम्य साहस, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वीरता पदक मिला है। संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण इलाकों में अभियानों के दौरान दोनों अधिकारियों ने नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया।
जंगल, दुर्गम इलाका और नक्सली चुनौती… फिर भी नहीं डिगे कदम
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा अभियान सामान्य परिस्थितियों से बिल्कुल अलग चुनौती पेश करते हैं। दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र, सीमित संसाधन और नक्सली चुनौती के बीच पुलिस अधिकारियों और जवानों ने कई अभियानों में असाधारण साहस का परिचय दिया। राष्ट्र और समाज की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए किए गए इन प्रयासों की पहचान अब वीरता पदक के रूप में हुई है।
सम्मान ने बढ़ाया पूरे बल का हौसला
स्वतंत्रता दिवस पर मिला यह सम्मान नारायणपुर पुलिस परिवार के लिए गौरव का अवसर है। एक ओर देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, दूसरी ओर नक्सल मोर्चे पर जोखिम उठाकर कर्तव्य निभाने वाले पुलिसकर्मियों के साहस को सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा और शांति कायम करने के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों को भी रेखांकित करती है।
नई पीढ़ी के जवानों के लिए मिसाल
वीरता पदक पाने वाले अधिकारियों और जवानों की उपलब्धि पूरे पुलिस बल के लिए प्रेरणा है। उनका साहस, अनुशासन, नेतृत्व और जनसेवा की भावना कठिन परिस्थितियों में डटे रहने का संदेश देती है। नारायणपुर पुलिस परिवार ने सभी वीरता पदक प्राप्त अधिकारियों एवं जवानों को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
नक्सल मोर्चे पर बहादुरी का यह सम्मान केवल पदक नहीं, बल्कि उन जोखिम भरे अभियानों में निभाई गई जिम्मेदारी, साहस और राष्ट्रसेवा की पहचान है।





