नारायणपुर

तिरंगे की शान में गूंजा नारायणपुर, 28 शहीद परिवारों को सम्मान

कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने फहराया तिरंगा, परेड की सलामी ली; देशभक्ति से सराबोर हुआ स्वतंत्रता दिवस समारोह

नारायणपुर। आजादी के 80वें वर्ष में नारायणपुर का मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति, शौर्य और सम्मान की भावनाओं से सराबोर रहा। जिला मुख्यालय के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान में आयोजित समारोह में कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। राष्ट्रगान के साथ पूरा मैदान देशभक्ति के रंग में रंग गया। एकता और अखंडता का संदेश देते रंग-बिरंगे गुब्बारे भी आसमान में छोड़े गए।

मुख्य अतिथि ने कलेक्टर नम्रता जैन और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के साथ परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जनता के नाम संदेश पढ़कर सुनाया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में परेड का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक अमृता पैकरा ने किया, जबकि उप कमांडर की जिम्मेदारी सूबेदार विक्रम सिंह ने संभाली।

कदमताल में दिखा अनुशासन, महिला टोली ने मारी बाजी

समारोह की परेड में सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, 16वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल की पुरुष एवं महिला टोलियां, नगर सेना महिला टोली, एनसीसी, एसपीसी और स्काउट-गाइड दलों ने हिस्सा लिया। रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्यापीठ का बैंड दल भी परेड का हिस्सा रहा।

सशस्त्र वर्ग में नगर सेना नारायणपुर महिला टोली प्रथम, सीमा सुरक्षा बल द्वितीय और जिला पुलिस बल महिला टोली तृतीय रही। शस्त्र रहित वर्ग में रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्यापीठ की बालक एनसीसी टोली प्रथम, बालिका एनसीसी टोली द्वितीय और बैंड दल तृतीय स्थान पर रहा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखी बस्तर की रंगत

स्वतंत्रता दिवस समारोह में आठ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जूनियर वर्ग में पोटा केबिन देवगांव ने पहला, उच्च प्राथमिक शाला बंगलापारा ने दूसरा और सरस्वती शिशु मंदिर कुम्हारपारा ने तीसरा स्थान हासिल किया।

सीनियर वर्ग में सेजेस बखरूपारा प्रथम, सेजेस महावीरचौक द्वितीय और सरस्वती शिशु मंदिर कुम्हारपारा तृतीय रहा। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में देशभक्ति के साथ स्थानीय संस्कृति और बस्तर की लोक रंगत की झलक देखने को मिली।

28 शहीद परिवारों का सम्मान, उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति

समारोह का सबसे भावुक पल तब आया, जब मुख्य अतिथि लता उसेंडी ने जिले के 28 शहीदों के परिजनों को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। वीरों के परिवारों के सम्मान से समारोह स्थल तालियों से गूंज उठा।

इसके साथ ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को भी मुख्य अतिथि ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

‘माओवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ रहा बस्तर’

मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करते हुए विधायक लता उसेंडी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान सपूतों को नमन करने का अवसर है। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, डॉ. भीमराव आंबेडकर, वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के योगदान को याद किया।

उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और वीर गुण्डाधुर सहित बस्तर के अनेक जननायकों के संघर्ष को भी नमन किया। संदेश में कहा गया कि नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर में अब विकास और बदलाव का नया दौर दिखाई दे रहा है। तिरंगा यात्राओं के जरिए लोग स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं।

‘नियद नेल्ला नार 2.0’ से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का दावा

मुख्यमंत्री के संदेश में बस्तर के विकास के लिए ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ का उल्लेख किया गया। 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन के जरिए बस्तर संभाग के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात कही गई।

नक्सल हिंसा के कारण बंद स्कूलों को फिर शुरू कराने और 36 नए स्कूल स्वीकृत करने की जानकारी दी गई। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में काम का भी उल्लेख हुआ।

स्वास्थ्य जांच से लेकर आजीविका तक योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत बड़ी संख्या में लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने की जानकारी दी गई। वहीं बस्तर के परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की आजीविका उन्नयन योजना तैयार किए जाने का उल्लेख भी संदेश में किया गया।

मुख्यमंत्री के संदेश में विकसित भारत के संकल्प, बस्तर के नवनिर्माण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने पर विशेष जोर रहा।

जनप्रतिनिधियों से लेकर विद्यार्थी तक रहे मौजूद

समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, वरिष्ठ नागरिक बृजमोहन देवांगन, गौतम एस. गोलछा, जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, नगरपालिका पार्षद, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मंडावी, प्रभारी सहायक आयुक्त सुनील सोनपिपरे, जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्रनाथ पांडे सहित अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

खास बात: इस बार का समारोह सिर्फ ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहा। परेड में अनुशासन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों का उत्साह और 28 शहीद परिवारों का सम्मान—तीनों ने स्वतंत्रता दिवस को नारायणपुर में यादगार बना दिया।

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