सामान्य परेड में एसपी ने परखी जवानों की तैयारी, दंगा नियंत्रण के विशेष अभ्यास से बढ़ी क्षमता
पुलिस लाइन में सलामी ग्रहण कर किया निरीक्षण, बलवा ड्रिल और त्वरित प्रतिक्रिया प्रशिक्षण के जरिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने का कराया अभ्यास

(कैलाश सोनी) नारायणपुर, 19 जून। कानून-व्यवस्था की किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला पुलिस ने अपनी तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को पुलिस लाइन परिसर में आयोजित सामान्य परेड में पुलिस अधीक्षक ने सलामी ग्रहण कर जवानों की कार्यक्षमता, अनुशासन और शारीरिक दक्षता का निरीक्षण किया। इसके बाद बलवा (रायट) ड्रिल, दंगा नियंत्रण और त्वरित प्रतिक्रिया से संबंधित विशेष अभ्यास कराकर जवानों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षित किया गया।

परेड में जिले के विभिन्न थाना, चौकी, पुलिस लाइन तथा अन्य इकाइयों के अधिकारी एवं जवान शामिल हुए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जवानों के टर्नआउट, वर्दी की सुसज्जा, अनुशासन और परेड संचालन की गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भीड़ नियंत्रण से लेकर गिरफ्तारी तक का कराया व्यावहारिक प्रशिक्षण
परेड के बाद आयोजित विशेष अभ्यास में जवानों को भीड़ नियंत्रण, उपद्रवी तत्वों की पहचान एवं गिरफ्तारी, संवेदनशील क्षेत्रों की घेराबंदी, सुरक्षा घेरा बनाकर आगे बढ़ने तथा कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में चरणबद्ध कार्रवाई की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
दंगा निरोधक उपकरणों के प्रभावी उपयोग का अभ्यास भी कराया गया। जवानों ने हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, शील्ड, लाठी तथा अन्य सुरक्षा संसाधनों के उपयोग की बारीकियां सीखीं।
काल्पनिक परिस्थितियां बनाकर परखी गई त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता
अभ्यास के दौरान विभिन्न काल्पनिक परिस्थितियों का निर्माण कर जवानों को वास्तविक हालात के अनुरूप कार्रवाई करने का प्रशिक्षण दिया गया। सेक्शन एवं प्लाटून स्तर पर समन्वित कार्रवाई, त्वरित बल गठन, वायरलेस संचार प्रणाली के प्रभावी उपयोग तथा आकस्मिक परिस्थितियों में शीघ्र निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
‘शारीरिक और मानसिक रूप से सजग होना जरूरी’
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों एवं जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पुलिसकर्मी का शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से सजग और व्यावसायिक रूप से दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने नियमित परेड और प्रशिक्षण को पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए सभी अधिकारियों और जवानों को प्रशिक्षण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिला पुलिस किसी भी आकस्मिक अथवा चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। नियमित प्रशिक्षण और अभ्यास से पुलिस बल की प्रतिक्रिया क्षमता, अनुशासन, नेतृत्व कौशल तथा टीम भावना और अधिक मजबूत होती है।
► पुलिस लाइन में सामान्य परेड का आयोजन, एसपी ने ग्रहण की सलामी
► बलवा ड्रिल और दंगा नियंत्रण का विशेष अभ्यास कराया गया
► भीड़ नियंत्रण, गिरफ्तारी और सुरक्षा घेरा बनाने का दिया प्रशिक्षण
► वायरलेस संचार और त्वरित निर्णय क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर
► किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए जिला पुलिस को किया जा रहा और अधिक सक्षम




