छत्तीसगढ़

10.70 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में पहुंचे 627.62 करोड़ रुपए

केदार कश्यप के नेतृत्व में भुगतान प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, प्रदेश में 82.33 प्रतिशत भुगतान पूरा

नारायणपुर जिले में 97.27 प्रतिशत राशि अंतरित, तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था से वनवासी परिवारों को मिला आर्थिक संबल

रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 10 लाख 70 हजार 186 तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में अब तक 627 करोड़ 62 लाख रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है। यह कुल भुगतान योग्य राशि का 82.33 प्रतिशत है।

प्रदेश में इस वर्ष 13.85 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है, जिसके एवज में लगभग 762 करोड़ 28 लाख रुपए की भुगतान योग्य राशि निर्धारित की गई है। भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए अपनाई गई व्यवस्था के तहत अब तक 649 करोड़ 15 लाख रुपए की राशि ओटीपी सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण कर चुकी है। वहीं भुगतान में रिजेक्शन की दर मात्र 0.37 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसे व्यवस्था की दक्षता और पारदर्शिता का प्रमाण माना जा रहा है।

वनवासियों की आर्थिक समृद्धि सर्वोच्च प्राथमिकता : केदार कश्यप

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वनांचल क्षेत्रों के परिवारों की आर्थिक समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को उनकी मेहनत का पारिश्रमिक समय पर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।

उन्होंने कहा कि लघुवनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाकर वनवासियों की आय बढ़ाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि वनाधारित आजीविका को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भुगतान की स्थिति संतोषजनक और उल्लेखनीय रही है। रायपुर क्षेत्र में 98.61 प्रतिशत, दुर्ग क्षेत्र में 95.45 प्रतिशत, बिलासपुर क्षेत्र में 92.29 प्रतिशत तथा नारायणपुर जिले में 97.27 प्रतिशत भुगतान पूरा हो चुका है। अन्य क्षेत्रों में भी भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी है और संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

तकनीक और पारदर्शिता से मिली बड़ी सफलता

तेन्दूपत्ता भुगतान अभियान की यह उपलब्धि राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों, तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था तथा वन मंत्री केदार कश्यप के सतत मार्गदर्शन का परिणाम मानी जा रही है। समयबद्ध भुगतान से लाखों वनवासी परिवारों को आर्थिक संबल मिला है, वहीं ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्राप्त हुई है।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र तेन्दूपत्ता संग्राहक तक भुगतान की राशि शीघ्रता से पहुंचे और वनाधारित आजीविका को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।


प्रमुख बिंदु

  • 10.70 लाख से अधिक संग्राहकों को मिला लाभ
  • 627.62 करोड़ रुपए सीधे खातों में अंतरित
  • कुल भुगतान का 82.33 प्रतिशत कार्य पूर्ण
  • 13.85 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित
  • कुल भुगतान योग्य राशि 762.28 करोड़ रुपए
  • 649.15 करोड़ रुपए की राशि का ओटीपी सत्यापन पूर्ण
  • भुगतान रिजेक्शन दर महज 0.37 प्रतिशत
  • नारायणपुर जिले में 97.27 प्रतिशत भुगतान पूरा
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वनाधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर जोर।

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