अबूझमाड़ के तोके गांव में पहली बार जली बिजली
नियद नेल्लानार योजना से 60 किलोमीटर दूर वनांचल तक पहुंची रोशनी, 32 परिवारों के 200 ग्रामीणों को मिला लाभ

बच्चों की पढ़ाई से लेकर संचार और आजीविका तक खुलेंगे विकास के नए रास्ते
(कैलाश सोनी) नारायणपुर। अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल में बसे ग्राम तोके में आखिरकार विकास की रोशनी पहुंच गई। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत नारायणपुर जिले के इस दूरस्थ गांव का सफलतापूर्वक विद्युतीकरण कर पहली बार बिजली सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में अब 32 परिवारों के करीब 200 ग्रामीण विद्युत सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) नारायणपुर संभाग द्वारा घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच लाइन विस्तार का कार्य पूरा किया गया। परियोजना के तहत गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की गई, जिसके बाद पहली बार गांव में बिजली की रोशनी जली।
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि ग्राम तोके में बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आजीविका संबंधी गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
अब तक ग्रामीण मिट्टी तेल के दीयों और सीमित सौर साधनों पर निर्भर थे। बिजली आने से बच्चों को रात्रि में पढ़ाई के लिए पर्याप्त रोशनी मिल सकेगी। मोबाइल चार्जिंग और संचार सुविधाएं बेहतर होने से ग्रामीणों का स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासन और अन्य जरूरी सूचनाओं से संपर्क भी आसान होगा।
गर्मी के मौसम में पंखों और अन्य बुनियादी विद्युत उपकरणों का उपयोग संभव हो सकेगा। साथ ही भविष्य में पेयजल व्यवस्था, छोटे कृषि उपकरणों और ग्रामीण स्वरोजगार गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गांव में पहली बार बिजली पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने बताया कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत अबूझमाड़ के अन्य दूरस्थ गांवों तक भी चरणबद्ध तरीके से मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है।




