बस्तर की विकास रेखा बनेगा एनएच-130डी : केदार कश्यप
गढ़बेंगाल चौक से कोण्डागांव तक निर्माण कार्य का निरीक्षण, गुणवत्ता और समयसीमा पर दिया विशेष जोर

बोले- सड़कें सिर्फ आवागमन नहीं, विकास और समृद्धि की आधारशिला
(कैलाश सोनी) नारायणपुर। बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण कार्य को लेकर प्रदेश सरकार ने गंभीरता दिखाई है। वन मंत्री केदार कश्यप ने शनिवार को गढ़बेंगाल चौक से कोण्डागांव तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और तय समयसीमा में सड़क निर्माण पूर्ण किया जाए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को सड़क निर्माण, पुल-पुलियों एवं अन्य अधोसंरचना कार्यों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। मंत्री कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी बस्तर क्षेत्र की विकास रेखा साबित होगा। यह मार्ग कोण्डागांव सहित आसपास के क्षेत्रों को बेहतर यातायात सुविधा, व्यापारिक गतिविधियों और विकास से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बारिश शुरू होने से पहले अधिकतम निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
वन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। एनएच-130डी के पूरा होने से बस्तर क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और अधिक आसान एवं तेज होगी।
उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क नेटवर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की नींव होता है। “सुशासन की सरकार प्रदेश में सुविधाजनक और मजबूत यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि विकास और समृद्धि की आधारशिला हैं।”
क्षेत्रवासियों ने भी इस सड़क परियोजना को बस्तर के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उम्मीद जताई कि इसके पूर्ण होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।




