19 साल में बदली नारायणपुर की तकदीर
कभी पगडंडियों और भय से जूझता था अबूझमाड़, आज विकास और विश्वास की नई पहचान बना जिला

प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत संकल्प और डबल इंजन सरकार में तेजी से बदल रहा नारायणपुर : केदार कश्यप
नारायणपुर। संघर्ष, संकल्प और बदलाव की मिसाल बन चुका नारायणपुर जिला अपने गठन के 19 वर्ष पूरे कर चुका है। कभी सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसने वाला यह आदिवासी अंचल अब विकास और जनविश्वास की नई तस्वीर के रूप में उभर रहा है। अबूझमाड़ की पहचान अब केवल दुर्गम जंगलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यहां विकास की नई रोशनी पहुंचने लगी है।
11 मई 2007 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने जनता की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए नारायणपुर को जिला बनाया था। स्थापना के 19 वर्ष बाद अब यह जिला बस्तर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में गिना जाने लगा है।
जिला स्थापना दिवस पर नारायणपुर विधायक एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन केवल प्रशासनिक गठन का नहीं, बल्कि जनता के संघर्ष, सपनों और आत्मसम्मान की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में लंबे समय तक नारायणपुर की मांग को नजरअंदाज किया गया, लेकिन भाजपा ने जनता से किया वादा निभाते हुए जिले का निर्माण कराया।
दादा बलिराम कश्यप के योगदान को किया याद
मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद स्व. दादा बलिराम कश्यप को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने नारायणपुर को जिला बनाने की मांग को जनआंदोलन का रूप दिया और बस्तर की आवाज दिल्ली तक पहुंचाई। उनका योगदान जिले के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने जिला निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, भाजपा कार्यकर्ताओं और आंदोलन से जुड़े नागरिकों को भी नमन किया।
कभी सड़क नहीं, अब गांव-गांव पहुंच रही योजनाएं
मंत्री कश्यप ने कहा कि 19 वर्ष पहले नारायणपुर की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। गांवों तक पहुंचने के लिए सड़कें नहीं थीं, लोग पगडंडियों के सहारे सफर करते थे। बारिश के दिनों में नदी-नाले उफान पर आने से कई गांवों का संपर्क टूट जाता था।
उन्होंने बताया कि अंदरूनी क्षेत्रों में बिजली, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य सुविधाएं और छात्रावासों का अभाव था। शासन-प्रशासन की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक नहीं थी और पूरा इलाका भय और उपेक्षा के माहौल में जी रहा था।
भाजपा सरकार में बदली तस्वीर
केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकारों ने नारायणपुर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और संचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ। दूरस्थ गांवों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा और शासन की पहुंच मजबूत हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान विकास की गति धीमी पड़ गई थी। सड़कें बदहाल रहीं और गरीबों को आवास जैसी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाया।
अबूझमाड़ तक पहुंचा विकास
मंत्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने के बाद नारायणपुर फिर तेजी से विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। सड़क, पुल-पुलिया, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के साथ नारायणपुर भी अब नक्सलवाद की भयावह छाया से बाहर निकलकर विकास और विश्वास की नई पहचान बना रहा है। अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रशासन की पहुंच बढ़ी है और वहां भी बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

“नारायणपुर केवल एक जिला नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक की जीवंत गाथा है। आने वाले वर्षों में यह जिला बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए विकास का आदर्श मॉडल बनेगा।”
— केदार कश्यप, कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ सरकार



