स्वास्थ

अबूझमाड़ में स्वास्थ्य क्रांति की दस्तक

महा स्वास्थ्य शिविर से मिली नई जिंदगी की उम्मीद, कैंसर पीड़ित तीन मरीजों का रायपुर में शुरू हुआ निःशुल्क इलाज

नारायणपुर। दूरस्थ वनांचल और अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार स्वास्थ्य सेवाओं की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने गंभीर बीमारी से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए उम्मीद की नई किरण जगा दी है। जिला प्रशासन द्वारा 19 अप्रैल 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नारायणपुर में आयोजित निःशुल्क महा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से कैंसर से पीड़ित तीन मरीजों की पहचान कर उनका रायपुर में निःशुल्क उपचार शुरू कराया गया है। मरीजों को वी.वाय. हॉस्पिटल रायपुर में कीमोथेरेपी का पहला चरण दिया गया, जिससे वनांचल क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस महा स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना, गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करना तथा मरीजों को बेहतर उपचार से जोड़ना था। शिविर में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श दिया। विशेष रूप से कैंसर जांच एवं स्क्रीनिंग के लिए ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों की टीम और अत्याधुनिक कैंसर जांच वाहन की व्यवस्था की गई थी।

शिविर के दौरान कुल 124 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 86 मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच की गई, जबकि 38 लोगों की कैंसर जांच वाहन के माध्यम से स्क्रीनिंग की गई। जांच के दौरान कैंसर के संभावित लक्षण, जोखिम कारक एवं स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सलाह प्रदान की गई।

विशेषज्ञ जांच के बाद अबूझमाड़ क्षेत्र सहित जिला नारायणपुर के तीन मरीज — रत्तूराम कन्हारगांव, सुनील कुमार एवं बिजनी बाई — को आगे के उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया। 20 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 के बीच मरीजों की पुनः विस्तृत जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए, जिसके पश्चात उनका कैंसर उपचार प्रारंभ किया गया।

रायपुर स्थित वी.वाय. हॉस्पिटल में मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में पूर्णतः निःशुल्क “फर्स्ट साइकिल कीमो” दी गई। कीमोथेरेपी के दौरान मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई। उपचार के प्रथम चरण के बाद चिकित्सकों ने मरीजों को तीन सप्ताह पश्चात फॉलोअप एवं अगले उपचार चक्र के लिए पुनः बुलाया है।

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से अब इन मरीजों को नियमित उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दूरस्थ वनांचल और अबूझमाड़ क्षेत्र में आयोजित इस महा स्वास्थ्य शिविर ने यह साबित किया है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और स्वास्थ्य सेवाओं का समन्वय हो तो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे ग्रामीणों तक भी समय पर उपचार पहुंचाया जा सकता है। यह पहल आदिवासी अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील कदम मानी जा रही है।

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