रामकृष्ण मिशन का 129वां स्थापना दिवस श्रद्धा-उत्साह से मना, भव्य रथ रैली में उमड़ा जनसैलाब
800 छात्र-छात्राओं सहित सैकड़ों भक्तों की भागीदारी — धर्मसभा में संतों के प्रेरक उद्बोधन, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए हुए सम्मानित

नारायणपुर। रामकृष्ण मिशन आश्रम, नारायणपुर में गुरुवार को 129वां स्थापना दिवस श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से लेकर शाम तक चले कार्यक्रमों में आध्यात्मिक ऊर्जा और जनसहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 6:30 बजे श्रीरामकृष्ण देव की भव्य एवं रंगारंग रथ रैली के साथ हुई। आश्रम परिसर से निकली यह रैली कर्मचारियों के आवासों एवं पूरे परिसर का भ्रमण करते हुए संपन्न हुई। रैली में लगभग 800 छात्र-छात्राएं, 200 कर्मचारी व उनके परिवारजन तथा करीब 100 भक्तगण शामिल हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

धर्मसभा में संतों के प्रेरक विचार
सायं 5 बजे आयोजित धर्मसभा में मुख्य अतिथि स्वामी लोकेशानन्द (बेलुड़ मठ) रहे, जबकि अध्यक्षता स्वामी पूर्णानंद ने की। विशिष्ट अतिथियों में स्वामी कृष्णामृतानन्द (ग्वालियर) एवं डॉ. ओमप्रकाश वर्मा (रायपुर) उपस्थित रहे।

आश्रम के सचिव स्वामी व्याप्तानन्द ने स्वागत भाषण देते हुए वर्षभर की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। डॉ. ओमप्रकाश वर्मा ने स्वामी विवेकानंद के विचारों पर प्रकाश डाला, वहीं स्वामी कृष्णामृतानन्द ने माँ सारदा देवी के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि स्वामी लोकेशानन्द ने श्रीरामकृष्ण देव के जीवन को मानवता के लिए मार्गदर्शक बताया।
सेवा और समर्पण को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कर्मचारियों एवं कृषकों को सम्मानित किया गया। 35 वर्षों की सेवा के लिए वरिष्ठ शिक्षक घनश्याम दास साहू को “नरेंद्र सेवक पुरस्कार”, आश्रम अस्पताल में 20 वर्षों से सेवाएं दे रहीं श्रीमती भोई को “निवेदिता पुरस्कार” तथा कंदाड़ी गांव के कृषक चेंदरू राम मंडावी को “कृषक सम्मान पुरस्कार” प्रदान किया गया।
आध्यात्मिक माहौल में हुआ समापन
कार्यक्रम में 800 से अधिक छात्र-छात्राओं सहित 300 से ज्यादा कर्मचारी एवं भक्तगण उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह का माहौल बना रहा तथा आध्यात्मिक वातावरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




