शहीदों के नाम पर हाईटेक पुलिस ट्रेनिंग एरिना व जिम का लोकार्पण
नारायणपुर में जवानों को मिला आधुनिक प्रशिक्षण और फिटनेस का नया केंद्र, सामरिक दक्षता से लेकर स्मार्ट पुलिसिंग तक होगा सशक्तिकरण

(कैलाश सोनी) नारायणपुर, 20 अप्रैल 2026। बस्तर अंचल में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डीआरजी परिसर सूलेंगा में शहीद श्री बिरेंद्र सिंह शोरी शौर्य पुलिस ट्रेनिंग एरिना एवं शहीद श्री खोटलू राम कोर्राम पुलिस जिम (पुलिस परफॉर्मेंस सेंटर) का लोकार्पण किया गया। वनमंत्री केदार कश्यप ने इन अत्याधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई, जिसके बाद लोकार्पण पट्टिका का अनावरण किया गया। इस मौके पर जिले के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
नई सुविधा के तहत पुलिस जवानों को अब एक ही परिसर में आधुनिक प्रशिक्षण और हाईटेक फिटनेस संसाधन उपलब्ध होंगे। ट्रेनिंग एरिना में ड्रिल, सामरिक रणनीति, बाधा दौड़, त्वरित प्रतिक्रिया अभ्यास, आपदा प्रबंधन और स्मार्ट पुलिसिंग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे जवान कठिन परिस्थितियों में अधिक दक्षता और आत्मविश्वास के साथ काम कर सकेंगे।
वहीं पुलिस जिम में स्थापित अत्याधुनिक मशीनों के जरिए जवानों को कार्डियो ट्रेनिंग, मांसपेशियों की मजबूती, स्टैमिना विकास और मानसिक तनाव प्रबंधन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। नियमित अभ्यास से उनकी कार्यक्षमता और सहनशक्ति में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों के शारीरिक और पेशेवर प्रशिक्षण को नई दिशा देगी। उन्होंने इसे बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया ने कहा कि दोनों सुविधाएं जवानों के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने जवानों से अनुशासन और निरंतर अभ्यास बनाए रखने की अपील की।
इस दौरान जिला पंचायत और नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों सहित कलेक्टर नम्रता जैन, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा खलखो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
- ट्रेनिंग एरिना में मिलेगा सामरिक व स्मार्ट पुलिसिंग प्रशिक्षण
- हाईटेक जिम से बढ़ेगी फिटनेस और सहनशक्ति
- जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता होगी मजबूत
नक्सल प्रभावित बस्तर में सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए यह पहल निर्णायक मानी जा रही है, जहां अब तकनीक और फिटनेस के साथ पुलिसिंग को नई धार मिलेगी।




