ब्लैक संडे : नारायणपुर में हादसों का कहर, 5 बड़ी दुर्घटनाओं में 4 की मौत, 17 घायल
बस-ट्रक भिड़ंत में 17 घायल, तीन गंभीर | डैम में मां-बेटी समेत 3 की डूबने से मौत | फरसगांव में ट्रक चालक की मौके पर मौत | अन्य दो हादसों में बाल-बाल बचे लोग

हेडलाइन ऑफ द डे
(कैलाश सोनी) नारायणपुर। रविवार का दिन नारायणपुर जिले के लिए ‘ब्लैक संडे’ साबित हुआ। जिले के अलग-अलग इलाकों में एक ही दिन में पांच बड़ी दुर्घटनाएं सामने आईं, जिनमें कुल चार लोगों की जान चली गई, जबकि 17 लोग घायल हुए हैं। लगातार हुई इन घटनाओं ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
1. डैम में डूबने से मां-बेटी सहित 3 की मौत
सबसे दर्दनाक हादसा जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर स्थित शांत सरोवर बिजली डैम में हुआ। यहां मछली पकड़ने गई तीन युवतियां दलदल में फंसकर डूब गईं। मृतकों में मां-बेटी भी शामिल हैं।
मृतकों की पहचान रजोंती (35), सूदरबती (14) और तनिषा (14), सभी निवासी केरलापाल के रूप में हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
2. बस और ट्रक की भिड़ंत, 17 घायल
दूसरी बड़ी घटना आमदई माइंस क्षेत्र में पल्ली बायपास के पास हुई, जहां बस और आयरन ओर से लदी ट्रक में आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।
हादसे में बस व ट्रक चालक सहित 17 लोग घायल हुए, जिनमें 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को पहले धौड़ाई अस्पताल और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया। बस में सवार सभी मजदूर माइंस में कार्यरत थे।

3. फरसगांव में ट्रक पेड़ से टकराई, चालक की मौत
नारायणपुर-ओरछा मार्ग पर फरसगांव के पास तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि चालक उमेश सलाम (निवासी छेरीबेड़ा) की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार ट्रक आयरन ओर लोडिंग के लिए जा रही थी और दोपहर करीब 2 बजे यह दुर्घटना हुई।

4. लौह अयस्क से भरी ट्रक पुलिया में घुसी
छोटेडोंगर मार्ग पर कोंगेरा के पास एक ट्रक तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर पुलिया से जा टकराई।
हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, चालक को मामूली चोट आई है।

5. अबूझमाड़ में हाईवा का ब्रेक फेल
अबूझमाड़ क्षेत्र के कुतुल कैंप और बेडमाकोटी घाट के बीच एक हाईवा का ब्रेक फेल हो गया, जिससे दुर्घटना हो गई।
घायल चालक को तत्काल कैंप अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। इस घटना में भी कोई जनहानि नहीं हुई।

लगातार हादसों से दहशत, उठे सवाल
एक ही दिन में पांच बड़ी दुर्घटनाओं ने प्रशासन और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही को इन हादसों का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इन घटनाओं के बाद पूरे जिले में शोक और दहशत का माहौल है। प्रशासन ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है।




