नारायणपुर

नारायणपुर में ‘सम्पूर्णता अभियान 2.0’ का बिगुल

मिशन मोड में होंगे विकास कार्य, 11 प्रमुख संकेतकों पर तय लक्ष्य

जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ, जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कैलाश सोनी- नारायणपुर। आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत नारायणपुर को विकास की नई रफ्तार देने के उद्देश्य से ‘सम्पूर्णता अभियान 2.0’ का जिला स्तरीय शुभारंभ मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में किया गया। नीति आयोग और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार शुरू हुए इस अभियान के जरिए जिले और चयनित विकासखंडों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रमुख संकेतकों पर मिशन मोड में काम किया जाएगा। अभियान के शुभारंभ के साथ ही प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि धरातल पर ठोस और मापनीय परिणाम दिखाने पर फोकस रहेगा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अध्यक्षता कलेक्टर नम्रता जैन ने की, जबकि संचालन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकांक्षा शिक्षा खलखो ने संभाला। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा जिला और ब्लॉक स्तर के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान आकांक्षी जिला और आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।

मिशन मोड में क्रियान्वयन पर जोर

कार्यक्रम में बताया गया कि सम्पूर्णता अभियान 2.0 के तहत आकांक्षी जिले के लिए 5 प्रमुख संकेतक और आकांक्षी विकासखंड के लिए 6 प्रमुख संकेतक तय किए गए हैं। इन संकेतकों पर सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करना होगा। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक लक्ष्य के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।

पिछले अभियान की उपलब्धियों की हुई समीक्षा

कार्यक्रम में सम्पूर्णता अभियान 1.0 के दौरान जिले में हासिल उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि पहले चरण में जिन क्षेत्रों में सुधार देखने को मिला है, उन्हें और मजबूत किया जाएगा, वहीं जिन संकेतकों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है, वहां रणनीति में बदलाव कर तेज गति से काम किया जाएगा। इस दौरान पीपीआईए फेलोज और पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने अभियान 2.0 की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने लक्ष्यों, विभागीय जिम्मेदारियों और समन्वित कार्ययोजना पर प्रस्तुतीकरण देते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

सामूहिक प्रतिबद्धता की दिलाई शपथ

शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान के सफल क्रियान्वयन की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी तय करते हुए यह संदेश दिया गया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि वे क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें।

स्थानीय प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान बस्तर पांडुम के विजेताओं को सम्मानित कर स्थानीय कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया गया। इस पहल को जिले की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विकास के साथ-साथ स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी जरूरी है।

नियमित समीक्षा और समन्वय पर रहेगा फोकस

कार्यक्रम के अंत में सभी विभागों से आपसी समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्ययोजना के साथ काम करने का आह्वान किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सम्पूर्णता अभियान 2.0 की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। लक्ष्य यह है कि जिले और विकासखंड स्तर पर चयनित सभी संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए।

सम्पूर्णता अभियान 2.0 के शुभारंभ के साथ नारायणपुर जिले में विकास की नई उम्मीद जगी है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासनिक तंत्र इस अभियान को कितनी गंभीरता से धरातल पर उतार पाता है और इसका वास्तविक लाभ जिले के दूरस्थ इलाकों तक कितनी तेजी से पहुंचता है।

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