अबूझमाड़ में राखी का धागा, विश्वास का बंधन


नारायणपुर | 10 अगस्त 2025
नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा और भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए 133वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल ने रक्षाबंधन का पर्व हर्ष और उत्साह से मनाया। मुख्यालय सोनपुर समेत सीओबी डोंडरीबेड़ा, होराडी, गड़पा और कंडुलनार में आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय समुदाय और जवानों ने मिलकर भाई-बहन के रिश्ते को नए मायनों से जोड़ा।
आसपास के गांवों, विद्यालयों और बाल आश्रमों से 106 लड़कियां, 13 शिक्षक-कर्मचारी और 81 ग्रामीण — कुल 200 लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। छात्राओं व ग्रामीणों ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें सुरक्षा और साहस का प्रतीक माना, वहीं जवानों ने राष्ट्र और जनता की सेवा की प्रतिबद्धता दोहराई।
- 106 लड़कियां, 13 शिक्षक-कर्मचारी, 81 ग्रामीण
- कुल: 200 नागरिकों ने बांधी राखी
- जगहें: सोनपुर, डोंडरीबेड़ा, होराडी, गड़पा, कंडुलनार
यह आयोजन न केवल भावनात्मक संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि विश्वास, एकता और पारस्परिक सम्मान की भावना को भी गहरा करता है। अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा के साथ-साथ वे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में भी योगदान दे रहे हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और विकास की नींव मजबूत हो सके।
पहले नक्सल गतिविधियों के लिए चर्चित अबूझमाड़ में अब माहौल बदल रहा है। सुरक्षा बलों के प्रयास से स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी है, सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। रक्षाबंधन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी यह संकेत है कि समाज मुख्यधारा से जुड़ने को तैयार है।




