झमाझम बारिश से पिनगुंडा नाले में उफान, ओरछा मार्ग पर आवाजाही ठप

कई घंटे से अबूझमाड़ का संपर्क टूटा, लोग पानी उतरने का कर रहे इंतजार
नारायणपुर। जिले में मंगलवार दोपहर हुई झमाझम बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। नारायणपुर-ओरछा मार्ग पर स्थित पिनगुंडा नाले में अचानक जलस्तर बढ़ जाने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। नाले के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं, जो पानी के उतरने का इंतजार कर रहे हैं। लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा।
पिनगुंडा नाला जिले के दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र को मुख्यालय से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है। लेकिन बारिश के दौरान यह मार्ग सबसे पहले प्रभावित होता है। मंगलवार को दोपहर अचानक शुरू हुई तेज बारिश के चलते पिनगुंडा नाले में पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि सड़क पूरी तरह डूब गई और वाहन व राहगीर दोनों की आवाजाही रुक गई। प्रशासन द्वारा अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले चार घंटे से अबूझमाड़ के ओरछा सहित अन्य गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से कट चुका है। ग्रामीण नाले के दोनों छोर पर फंसे हुए हैं और पानी उतरने की आस लगाए बैठे हैं। पिनगुंडा का जलस्तर सामान्य दिनों में बेहद कम होता है, लेकिन मानसून में यह नाला उफान पर आ जाता है और सड़क टापू में तब्दील हो जाती है।
अबूझमाड़ क्षेत्र के कई गांवों की स्थिति और भी चिंताजनक है। जलभराव के चलते कई बस्तियां टापू जैसे हालात में फंस गई हैं। ऐसे गांवों में ना तो वाहन पहुंच सकते हैं और ना ही किसी तरह की आपात सेवा। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हर साल बरसात में आवाजाही बाधित होती है, बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पिनगुंडा नाले पर स्थायी पुल का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि हर साल इस तरह की समस्या से उन्हें दो-चार न होना पड़े।
बारिश का सिलसिला जारी
मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने की अपील की गई है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम अब तक नहीं दिख रहे।




