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बस्तर रेजिमेंट की मांग को मिली नई रफ्तार, सोशल मीडिया पर छाया रक्षा मंत्री का जवाब

रक्षा मंत्रालय ने प्रस्ताव पर जांच और प्रक्रिया जारी होने की दी जानकारी, बस्तर से लेकर रायपुर तक जनप्रतिनिधियों ने बताया ऐतिहासिक पहल

 

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। भारतीय सेना में अलग ‘बस्तर रेजिमेंट’ के गठन की मांग को लेकर बस्तर अंचल में नई उम्मीद जगी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा को भेजे गए जवाबी पत्र के सार्वजनिक होने के बाद यह मुद्दा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। छत्तीसगढ़ के कई मंत्री, विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधि अपने सोशल मीडिया मंचों पर इस पत्र को साझा कर इसे बस्तर के युवाओं के लिए सकारात्मक पहल बता रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट की स्थापना संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हो चुका है और इस पर आवश्यक जांच एवं प्रक्रिया जारी है। हालांकि मंत्रालय ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

26 जून 2026 को उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर बस्तर रेजिमेंट के गठन का आग्रह किया था। पत्र में बस्तर के आदिवासी युवाओं की वीरता, नक्सल विरोधी अभियानों में उनके योगदान और दुर्गम परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता का उल्लेख करते हुए अलग रेजिमेंट बनाने की मांग की गई थी। इसके जवाब में 9 जुलाई को रक्षा मंत्री ने प्रस्ताव प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए जांच एवं आवश्यक कार्रवाई जारी होने की जानकारी दी।

बस्तर में बढ़ी उम्मीद, सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा

रक्षा मंत्रालय का जवाब सामने आने के बाद बस्तर संभाग में इस विषय को लेकर उत्साह का माहौल है। कई जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं ने इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए बस्तर के युवाओं के सम्मान और भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग बस्तर रेजिमेंट की मांग का समर्थन करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बता रहे हैं।

वीरता और अनुभव को मिला राष्ट्रीय मंच

प्रस्ताव में कहा गया है कि बस्तर के युवाओं ने वर्षों तक नक्सल विरोधी अभियानों में साहस और समर्पण का परिचय दिया है। दुर्गम जंगलों और विषम परिस्थितियों में कार्य करने का उनका अनुभव भारतीय सेना के लिए उपयोगी हो सकता है। यही आधार बस्तर रेजिमेंट की मांग का प्रमुख कारण बताया गया है।

अभी अंतिम फैसला नहीं

रक्षा मंत्रालय ने अपने जवाब में केवल यह कहा है कि प्रस्ताव प्राप्त हो चुका है और उस पर आवश्यक प्रक्रिया जारी है। मंत्रालय की ओर से अभी किसी नई रेजिमेंट के गठन की स्वीकृति या अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई है।


फैक्ट फाइल

26 जून 2026

  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रक्षा मंत्री को बस्तर रेजिमेंट गठन का प्रस्ताव भेजा।

9 जुलाई 2026

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाबी पत्र भेजा।
  • प्रस्ताव प्राप्त होने की पुष्टि की।
  • जांच एवं आवश्यक प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी।

वर्तमान स्थिति

  • अंतिम निर्णय अभी नहीं।
  • प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय के विचाराधीन है।

व्यू

बस्तर रेजिमेंट की मांग वर्षों पुरानी है, लेकिन पहली बार रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक पत्र के माध्यम से प्रस्ताव पर प्रक्रिया जारी होने की पुष्टि की है। इससे बस्तर के युवाओं में उम्मीद बढ़ी है, लेकिन अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर ही होगा। इसलिए इस पहल को फिलहाल सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि स्वीकृत निर्णय के रूप में।

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