सीमा की सुरक्षा के साथ जीवन बचाने का संकल्प, बीएसएफ जवानों ने किया महादान
58वीं वाहिनी के रक्तदान शिविर में जुटीं 30 यूनिट रक्त, जवानों ने दिया मानव सेवा और सामाजिक सरोकार का संदेश

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उनका दायित्व केवल राष्ट्र की सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता की सेवा तक भी विस्तृत है। 58वीं वाहिनी बीएसएफ द्वारा वाहिनी मुख्यालय तैलसी में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 30 यूनिट रक्तदान कर जरूरतमंदों के लिए जीवनदान का संदेश दिया।

सेवा और समर्पण का उदाहरण बना रक्तदान शिविर
58वीं वाहिनी के समादेष्टा रुपिंदर भारद्वाज की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ द्वितीय कमान अधिकारी पवन कुमार की उपस्थिति में हुआ। जिला चिकित्सालय नारायणपुर के ब्लड बैंक केंद्र की टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एस/जी) डॉ. वनलाल फाका, डी.सी. सर्जन डॉ. हिमांशु सैनी तथा डिप्टी कमांडेंट नवीन कुमार की मौजूदगी में रक्त संग्रहण की प्रक्रिया संपन्न कराई।
चिकित्सा दल की अहम भूमिका
शिविर के सफल संचालन में जिला चिकित्सालय नारायणपुर के डॉ. अमलचंद्र (एमएलटी), डॉ. सोमजी पोटन (एमएलटी), डॉ. लोमेंद्र साहू (एमएलटी) तथा डॉ. पिलिंदर (एलए) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। चिकित्सा दल की निगरानी में रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रहित किया गया।
जवान बोले- रक्तदान सबसे बड़ा मानव धर्म
रक्तदान करने वाले जवानों ने कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। अधिकारियों ने भी रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों से इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
मानवीय मूल्यों के संरक्षण में भी अग्रणी है बीएसएफ
अधिकारियों ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 58वीं वाहिनी द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।
◇ तैलसी स्थित 58वीं वाहिनी मुख्यालय में आयोजित हुआ रक्तदान शिविर
◇ अधिकारियों और जवानों ने स्वेच्छा से किया रक्तदान
◇ 30 यूनिट रक्त संग्रहित, जरूरतमंदों के लिए बने जीवनदाता
◇ जिला चिकित्सालय की टीम ने संपन्न कराई रक्त संग्रहण प्रक्रिया
◇ बीएसएफ ने दिया संदेश—सीमा सुरक्षा के साथ मानव सेवा भी सर्वोपरि
“रक्त की हर बूंद किसी के जीवन की उम्मीद”
58वीं वाहिनी बीएसएफ के इस मानवीय अभियान ने यह संदेश दिया कि वर्दी केवल सुरक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता की पहचान भी है। रक्तदान के जरिए जवानों ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मानवता का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।





