मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बदला अपना स्टाफ, विवादों के बाद विशेष सहायक हटाई गईं

सूत्रों के मुताबिक, मंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष था। आरोप लगाए जा रहे थे कि मंत्री तक पहुंच आसान नहीं रह गई थी और कई मामलों में कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो पा रही थी। यही वजह रही कि संगठन स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आती रहीं।
बताया जा रहा है कि रूही टेम्भुरकर पिछले करीब ढाई वर्षों से मंत्री स्टाफ में विशेष सहायक के रूप में कार्यरत थीं। वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उपायुक्त पद पर पदस्थ हैं और प्रतिनियुक्ति पर मंत्री कार्यालय में जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब शासन ने उन्हें मूल विभाग में वापस भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि हाल के महीनों में विभाग से जुड़े कुछ विवादों के बाद मंत्री कार्यालय पर दबाव बढ़ गया था। विपक्ष द्वारा भी लगातार सरकार और मंत्री कार्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे थे। ऐसे में यह फैसला नुकसान नियंत्रण की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
भाजपा के भीतर भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई कार्यकर्ता इसे “देरी से लिया गया लेकिन सही फैसला” बता रहे हैं। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में मंत्री अपने स्टाफ और कार्यप्रणाली में और बड़े बदलाव कर सकती हैं।
गौरतलब है कि लक्ष्मी राजवाड़े विष्णुदेव साय सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं और युवा चेहरों में प्रमुख मानी जाती हैं। वे पहली बार विधायक बनने के बाद सीधे मंत्रिमंडल में शामिल हुई थीं।




