नारायणपुर को जाम से राहत: 9.5 किमी बाईपास का रास्ता साफ
कलेक्टर नम्रता जैन ने गांव पहुंचकर किया संवाद, ग्रामीणों को विकास के साथ समस्याओं के समाधान का भरोसा

(कैलाश सोनी) नारायणपुर, 18 अप्रैल। जिले में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या से जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में प्रस्तावित 9.5 किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क परियोजना को लेकर प्रशासन ने जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। यह बाईपास विशेष रूप से भारी वाहनों के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा और आमजन को सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।

गांव-गांव पहुंचेगा विकास का पहिया
प्रस्तावित बाईपास सड़क तेलसी, कनेरा, मरदेल, करलखा, दुग्गाबेंगाल, गरांजी और गढ़बेंगाल जैसे गांवों से होकर गुजरेगी। इससे न केवल शहर के भीतर से भारी वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि इन ग्रामीण अंचलों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। बेहतर सड़क सुविधा से स्थानीय व्यापार, परिवहन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
कलेक्टर ने करलखा में सुनी ग्रामीणों की बात
परियोजना को लेकर कलेक्टर नम्रता जैन स्वयं करलखा गांव पहुंचीं और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बाईपास निर्माण के फायदे सरल भाषा में समझाए और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
शहर के बाहर से गुजरेंगे भारी वाहन
वर्तमान में भारी वाहन शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हैं, जिससे अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनती है। बाईपास बनने के बाद ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों को शहर के बाहर से डायवर्ट किया जाएगा। इससे शहर के भीतर यातायात अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगा।
सिर्फ सड़क नहीं, विकास की नई धुरी
प्रशासन के अनुसार यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। जुड़े हुए गांवों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, आवागमन आसान होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस परियोजना को जल्द धरातल पर उतारकर नारायणपुर को सुव्यवस्थित और सुरक्षित शहर के रूप में विकसित किया जाए।



