
नारायणपुर। अबूझमाड़ की धरती पर खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मौका मिलते ही यहां के बच्चे अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा (SGFI) ताइक्वांडो प्रतियोगिता में नारायणपुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। गोरेला-पेंड्रा-मरवाही में 18 से 21 अगस्त तक आयोजित प्रतियोगिता में बस्तर जोन से नारायणपुर के विश्वदीप्ति विद्यालय के अंडर-17 वर्ग के 12 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें से खिलाड़ियों ने 2 रजत और 7 कांस्य पदक अपने नाम किए, जबकि तीन खिलाड़ी प्रतियोगिता में प्रतिभागी रहे।

मेहनत का नतीजा, अबूझमाड़ के खाते में 9 पदक
प्रतियोगिता में नारायणपुर के खिलाड़ियों ने अलग-अलग मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया। चंद्रकांत कश्यप और गौरव मलाहकार ने रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं देवांश लावतरे, प्रेमांशु डहरिया, शिवम नांदरे, तिरुष पटेल, अंतरा दुग्गा, अनुप्रिया बरा और सुलोचना लकड़ा ने कांस्य पदक जीतकर जिले को गौरवान्वित किया।
ओमश्री मानिकपुरी, वंदना गुरु और मेहुल दुग्गा ने प्रतियोगिता में प्रतिभागी के रूप में हिस्सा लिया और अपने प्रदर्शन से अनुभव हासिल किया।
पांच साल की ट्रेनिंग, अब तक 574 मेडल
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के पीछे लगातार प्रशिक्षण और मेहनत की बड़ी भूमिका है। कोच आर. बलराम पुरी ने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से नारायणपुर में ताइक्वांडो, कराटे, बॉक्सिंग और किकबॉक्सिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का परिणाम यह है कि अबूझमाड़ और नारायणपुर के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अब तक 574 पदक जीतकर शहर और जिले का नाम रोशन किया है।
खास बात यह है कि प्रशिक्षण से नारायणपुर के अलग-अलग स्कूलों के बच्चे जुड़ रहे हैं। ग्रामीण और आदिवासी अंचल के बच्चों को खेल का मंच मिलने से उनकी प्रतिभा लगातार निखर रही है।
मैदान में पसीना, पदक से बढ़ा हौसला
ताइक्वांडो जैसे खेल में सफलता के लिए फिटनेस, तकनीक, अनुशासन और निरंतर अभ्यास की जरूरत होती है। नारायणपुर के इन खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय मंच पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर यह साबित किया कि संसाधनों और अवसरों की सीमाओं के बावजूद प्रतिभा को सही दिशा मिले तो सफलता हासिल की जा सकती है।
कोच आर. बलराम पुरी के अनुसार, खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के साथ प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल भावना विकसित करना भी है।
जिले के खेल जगत में खुशी का माहौल
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की इस सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य जोमोन टीडी, रामसाय वड्डे, जगजीवन साहू, अभिषेक बनर्जी सहित जिले के सभी खेल शिक्षकों ने खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
अब लक्ष्य और बड़ी जीत
लगातार मिल रही सफलताओं से नारायणपुर के युवा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा है। 574 पदकों की उपलब्धि और राज्य स्तरीय ताइक्वांडो में मिले नौ पदक इस बात का संकेत हैं कि अबूझमाड़ और नारायणपुर में खेल प्रतिभाओं की मजबूत पौध तैयार हो रही है। जरूरत है इन्हें निरंतर प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और बड़े मंच उपलब्ध कराने की, ताकि यहां के खिलाड़ी आने वाले समय में राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी नारायणपुर की पहचान मजबूत कर सकें।
उपलब्धि एक नजर में
- प्रतियोगिता: 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा (SGFI) ताइक्वांडो
- स्थान: गोरेला-पेंड्रा-मरवाही
- तिथि: 18 से 21 अगस्त
- नारायणपुर के खिलाड़ी: 12
- रजत पदक: 2
- कांस्य पदक: 7
- कुल पदक: 9
- अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में उपलब्धि: 574 पदक
- प्रशिक्षण: ताइक्वांडो, कराटे, बॉक्सिंग और किकबॉक्सिंग




