
नारायणपुर, 27 अगस्त। शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में ‘खेलो इंडिया से संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में 95 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया।
कार्यक्रम के तहत सुबह 10 बजे से विद्यार्थियों का पंजीयन शुरू हुआ। इसके बाद सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के विद्यार्थियों एवं युवाओं को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए खेल संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया।
खेलों से अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। नियमित खेल गतिविधियां युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने युवाओं को स्क्रीन पर अत्यधिक समय बिताने के बजाय खेल एवं शारीरिक गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
उन्होंने खेलों में बढ़ती स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी की भूमिका और बदलते दौर में इसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटी-छोटी सकारात्मक पहल बड़े सामाजिक बदलाव का आधार बन सकती हैं।
दीप प्रज्वलन के साथ स्थानीय कार्यक्रम का शुभारंभ
महाविद्यालय में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एसआर कुंजाम ने की, जबकि जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मेश्राम मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
स्वागत भाषण में प्राचार्य ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विद्यार्थियों से खेलों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और खेलों के माध्यम से व्यक्तिगत विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
खेल शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी
मुख्य अतिथि नरेंद्र मेश्राम ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के दौर में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए खेलों का महत्व और बढ़ गया है। खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। उन्होंने कहा कि खेलों में बेहतर प्रदर्शन विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर भी खोल सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया।
आयोजन में इनकी रही भूमिका
कार्यक्रम का आयोजन श्री संतोष कुमार राव एवं डॉ. मीनाक्षी ने किया। विद्यार्थियों का पंजीयन डॉ. विक्रम विजेत्री सिंह एवं श्री प्रदीप सलाम ने कराया। कार्यक्रम में श्री संजय पटेल, डॉ. प्रमोद चतुर्वेदी, डॉ. विजय लाल तिवारी, डॉ. हरि शंकर कुमार एवं डॉ. वंदना नेताम सहित अन्य अतिथि, प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर डॉ. सतीश पांडे ने मुख्य अतिथि, अतिथियों, प्राचार्य, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश
विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और महाविद्यालय परिवार के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को खेलों के महत्व के साथ स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा मिली। साथ ही युवाओं के बीच खेल संस्कृति को मजबूत करने का संदेश भी पहुंचा।




