जनदर्शन में उमड़ी फरियादों की कतार, कलेक्टर ने कहा- समय पर हो समाधान
सड़क-पुलिया से बिजली, शिक्षा, छात्रावास और स्वास्थ्य तक पहुंचीं शिकायतें; कलेक्टर नम्रता जैन ने अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश

नारायणपुर। कलेक्ट्रेट कार्यालय में बुधवार को आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें कलेक्टर नम्रता जैन के सामने रखीं। किसी ने सड़क-पुलिया की मांग उठाई तो किसी ने बिजली, शिक्षा, छात्रावास, आवासीय सुविधाओं और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बताईं। जनदर्शन में बड़ी संख्या में आवेदन मिलने पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रकरणों की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सड़क-पुलिया से बिजली तक, विकास की मांग
खड़ीबहार निवासी प्रितम उर्वशा ने पुल निर्माण कार्य की राशि नहीं मिलने की समस्या रखी। ग्राम पंचायत गुदाड़ी एवं जबगुंडा के ग्रामीणों ने विद्युत स्वीकृति के साथ पुलिया निर्माण की मांग की। वहीं टेमरूगांव पंचायत की ओर से द्वितीय श्रेणी सड़क निर्माण, पदनार तक मिट्टी-मुरूमीकरण और नियमित कक्षा संचालन के लिए प्रधान पाठक की नियुक्ति की मांग रखी गई।
नयापारा वार्डवासियों ने मुक्तिधाम मार्ग पर सीसी रोड तथा जर्जर गलियों में बीटी सड़क निर्माण की मांग की। आतरगांव पंचायत ने प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य के तहत पंचायत भवन के सामने नाली निर्माण और नवीन आंगनबाड़ी भवन की मांग रखी। सुलेंगा धौड़ाई ने नवीन हाईस्कूल भवन और कन्हारगांव पंचायत ने आहर निर्माण की स्वीकृति का आवेदन दिया।
तीन पुलिया और क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत की मांग
ताड़ोपाल पंचायत ने आश्रित ग्राम खड़कागांव में तीन पुलिया स्वीकृत करने तथा ताड़ोपाल एवं आसपास के गांवों की वास्तविक ग्राम सीमा निर्धारित करने की मांग रखी। दण्डवन पंचायत ने अत्यधिक बारिश से क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत, नवीन पुलिया की स्वीकृति और आश्रम दण्डवन के वर्तमान अधीक्षक को हटाने संबंधी आवेदन दिया।
टिमनार के ग्रामीणों ने नाउमुंजमेटा मार्ग पर निर्मित पुलिया से आवागमन सुचारू करने के लिए मुरूम डालने तथा रेत-मिट्टी कार्य की बकाया मजदूरी का भुगतान कराने की मांग रखी।
स्कूलों में शिक्षक, छात्रावास में भोजन का मुद्दा
जनदर्शन में शिक्षा से जुड़े कई आवेदन पहुंचे। अंजरेल के ग्रामीणों ने शिक्षक व्यवस्था, तारागांव प्राथमिक शाला में शिक्षक की व्यवस्था तथा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय सुलेंगा की छात्राओं ने निर्धारित मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की मांग रखी।
जनपद सदस्य यशबती मांझी ने छात्रावास, शिक्षक क्वार्टर और स्थानीय अतिथि शिक्षक उपलब्ध कराने का आवेदन दिया। शिक्षा से जुड़े मामलों में भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कैंसर पीड़िता के इलाज के लिए बस किराए की मांग
जनदर्शन में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या भी सामने आई। मंजुला मंडल ने कैंसर पीड़ित महिला को प्रतिमाह रायपुर अस्पताल में कीमोथेरेपी के लिए जाने हेतु बस किराया उपलब्ध कराने की मांग रखी। वहीं ब्रेहबेड़ा के ग्रामीणों ने बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।
मंडी में आरक्षण से लेकर बैंक शाखा तक मांग
सर्व आदिवासी समाज नारायणपुर ने नवीन एवं पुराने मंडी प्रांगण में शेड और दुकानों की नीलामी में एसटी, एससी एवं ओबीसी समाज के लिए आरक्षण की मांग रखी। मुस्लिम जमातखाना सामुदायिक भवन की भूमि को राजस्व अभिलेख में मुस्लिम समाज नारायणपुर के नाम दर्ज करने का आवेदन भी दिया गया।
किसानों ने बेनूर जिला पंचायत क्षेत्र में उप सहकारी बैंक शाखा खोलने की मांग रखी। कुम्हली के ग्रामीणों ने बाउंड्रीवाल निर्माण का आवेदन दिया। वहीं दिव्यांशी ध्रुव ने जाति प्रमाण पत्र, तिलेश्वरी ठाकुर ने आकस्मिक सहायक के पद पर नियुक्ति तथा सहायक शिक्षक एलबी महेन्द्र कुमार धुर्वे ने संलग्नीकरण से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया।
हर आवेदन की गंभीरता से जांच के निर्देश
कलेक्टर नम्रता जैन ने जनदर्शन में पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रकरणों को लंबित रखने के बजाय निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जनदर्शन के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला मुख्यालय तक नागरिकों की सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य मूलभूत जरूरतों से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के सामने पहुंचीं। अब इन आवेदनों पर विभागीय कार्रवाई और समाधान की गति पर लोगों की नजर रहेगी।




