122 विचाराधीन बंदियों की टीबी स्क्रीनिंग, 5 में मिले संदिग्ध लक्षण
‘क्षय से सुरक्षित विकासखंड’ कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की पहल, संदिग्धों के बलगम नमूने जांच के लिए भेजे

नारायणपुर। जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान एवं एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के संयुक्त तत्वावधान में क्षय से सुरक्षित विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत विचाराधीन बंदियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। अभियान के दौरान कुल 122 विचाराधीन बंदियों की जांच की गई।

5 बंदियों में मिले टीबी के संदिग्ध लक्षण
स्क्रीनिंग के दौरान 5 विचाराधीन बंदियों में टीबी से संबंधित संभावित लक्षण पाए गए। स्वास्थ्य टीम ने इन सभी के बलगम के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
लक्षण दिखें तो जांच में न करें देरी
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के संभावित लक्षणों को लेकर आमजन को भी सतर्क किया है। विभाग के अनुसार दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी रहना, लगातार बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना और भूख कम लगना टीबी के संभावित संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए।
समय पर पहचान, समय पर उपचार पर जोर
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर उनकी जांच एवं उपचार समय पर शुरू करना है। इसी उद्देश्य से जिले में नियमित रूप से स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संभावित मरीजों की पहचान होने के बाद उन्हें आवश्यक जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
टीबी मुक्त जिले की दिशा में लगातार प्रयास
जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार गतिविधियां संचालित कर रहा है। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक संभावित मरीजों तक पहुंचकर उनकी जांच कराने और बीमारी की पुष्टि होने पर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराएं।




