सड़क पर जिंदगी की पाठशाला, नियमों से ही सुरक्षित सफर
नारायणपुर में ‘यातायात की पाठशाला’ अभियान शुरू; अंजरेल माइंस के मालवाहक चालकों और नेलवाड़ हाईस्कूल के विद्यार्थियों को पढ़ाया सड़क सुरक्षा का पाठ

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। सड़क हादसों की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को लेकर नारायणपुर पुलिस ने जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर के मार्गदर्शन में यातायात पुलिस ने ‘यातायात की पाठशाला’ अभियान के तहत अंजरेल माइंस के मालवाहक वाहन चालकों और शासकीय हाईस्कूल नेलवाड़ के छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में वाहन चालकों और विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से समझाया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर सड़क उपयोगकर्ता की सामूहिक जिम्मेदारी है।
नियम पुलिस के डर से नहीं, जिंदगी बचाने के लिए
यातायात प्रभारी एवं रक्षित निरीक्षक मो. मोहसिन खान ने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान या पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। नियमों का उद्देश्य सड़क पर वाहन चलाने वाले व्यक्ति के साथ-साथ पैदल चलने वाले और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की जिंदगी सुरक्षित रखना है।
उन्होंने वाहन चालकों को सुरक्षित गति से वाहन चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर जिम्मेदारी के साथ वाहन संचालन करने की समझाइश दी। विद्यार्थियों को भी सड़क पार करने, यातायात संकेतों और सुरक्षित आवागमन के संबंध में जरूरी जानकारी दी गई।
हादसा हो तो तमाशबीन नहीं, बनें राहवीर
कार्यक्रम में सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर सहायता मिलने के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद शुरुआती समय घायल की जिंदगी बचाने में बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे में दुर्घटना देखकर मौके से गुजर जाने के बजाय तत्काल मदद के लिए आगे आना चाहिए।
जरूरत पड़ने पर 108 एंबुलेंस और डायल-112 की सहायता लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। साथ ही राहवीर योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने में मदद करने वाले पात्र राहवीर को ₹25 हजार तक की पुरस्कार राशि मिल सकती है।
वाहन चालकों के साथ विद्यार्थियों को भी जोड़ा
‘यातायात की पाठशाला’ अभियान में पुलिस ने मालवाहक वाहन चालकों के साथ स्कूली विद्यार्थियों को भी जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाया। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा का संदेश केवल वाहन चालकों तक सीमित न रखकर बच्चों के माध्यम से परिवार और समाज तक पहुंचाना है।
पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिजनों को भी सुरक्षित वाहन संचालन के लिए प्रेरित करें।
जिलेभर में जारी रहेगा जागरूकता अभियान
यातायात पुलिस नारायणपुर द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों, संस्थानों और वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य जागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को सुरक्षित यातायात व्यवहार के लिए प्रेरित करना है।
शपथ लेकर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। सभी ने सड़क सुरक्षा एवं जीवन रक्षा का संदेश अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
पुलिस का संदेश साफ है—सड़क पर सावधानी बरतें, नियमों का पालन करें और दुर्घटना में घायल की मदद के लिए आगे आएं। एक जिम्मेदार कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।




