धौड़ाई में वन विभाग का शिकंजा, तेंदुए की खाल के साथ 3 गिरफ्तार
दो मोटरसाइकिलों से खाल ले जा रहे थे आरोपी, गश्ती दल ने सड़क किनारे दबोचा; न्यायालय में पेशी के बाद जेल भेजे गए

नारायणपुर, 10 अगस्त। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धौड़ाई वन परिक्षेत्र में तेंदुए की खाल के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दो मोटरसाइकिलों से तेंदुए की खाल लेकर जा रहे थे। गश्ती के दौरान वन विभाग की टीम ने गायतापारा सड़क किनारे उन्हें पकड़ लिया। मौके से तेंदुए की खाल के साथ दोनों मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

गश्ती के दौरान ऐसे पकड़े गए
वन विभाग के अनुसार वनमंडलाधिकारी के निर्देशन में परिक्षेत्र धौड़ाई के परिक्षेत्र अधिकारी और वन कर्मचारियों की टीम 8 अगस्त को गश्त पर थी। इसी दौरान गायतापारा सड़क किनारे तीन संदिग्ध व्यक्ति दो मोटरसाइकिलों से जाते दिखाई दिए। वन अमले ने उन्हें रोककर जांच की तो उनके कब्जे से एक तेंदुए की खाल बरामद हुई।

मौके से सीजी-21/जे-4096 और सीजी-21/जे-0920 क्रमांक की दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं। वन विभाग ने खाल को कब्जे में लेकर आरोपियों को हिरासत में लिया।
184 सेंटीमीटर लंबी मिली खाल
जब्त तेंदुए की खाल की लंबाई 184 सेंटीमीटर बताई गई है। इसके सामने के पैरों के बीच की लंबाई 125 सेंटीमीटर, पिछले पैरों के बीच की लंबाई 118 सेंटीमीटर तथा पेट की चौड़ाई 55 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। वन विभाग ने जब्त खाल को प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया है।
तीनों आरोपी अलग-अलग गांवों के
वन विभाग की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनूराम कचलाम पिता सुखासिंह कचलाम (39), निवासी रोहताड़, छोटेडोंगर, पुनीत कुमार बघेल पिता जलधर बघेल (32), निवासी छोटेडोंगर (डुरकाडोंगरी) और जमधर पोटाई पिता गागरू (50), निवासी तारागांव, धौड़ाई के रूप में हुई है।
वन विभाग ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, नारायणपुर के न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कराया गया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की कई धाराओं में मामला
मामले में वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 11, 39, 40(2), 44, 48(क), 49(क), 49(ख), 50 एवं 51 के तहत अपराध दर्ज किया है। विभाग के अनुसार प्रकरण में सजा का प्रावधान सात वर्ष तक है।
तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
तेंदुए की खाल आरोपियों तक कैसे पहुंची और इसे कहां ले जाया जा रहा था, इसे लेकर वन विभाग की जांच जारी है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस मामले में केवल तीन आरोपी शामिल हैं या इसके पीछे कोई बड़ा वन्यजीव तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। खाल के स्रोत, संभावित खरीदार और परिवहन के उद्देश्य को लेकर भी पूछताछ एवं जांच की जा रही है।
वन विभाग की इस कार्रवाई से वन्यजीव तस्करी में लिप्त लोगों में हड़कंप मचा है। मामले की आगे की जांच जारी है।




