एक कॉल… और बच गई जिंदगी
उफनते रास्तों के बीच डायल-112 बनी ‘संजीवनी’, घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाकर शुरू कराया उपचार

गुड़रापारा-बासिंग में दुर्घटना के बाद तड़प रहा था घायल, सूचना मिलते ही कोहकामेटा क्षेत्र में पहुंची पुलिस टीम
नारायणपुर। आपात स्थिति में कुछ मिनटों की देरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। ऐसे ही एक मामले में नारायणपुर पुलिस की डायल-112 टीम ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय रहते जिला अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना 7 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे की है।
ग्राम गुड़रापारा, बासिंग, थाना कोहकामेटा क्षेत्र में एक व्यक्ति के दुर्घटना में घायल होने और तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता की सूचना डायल-112 को मिली। सूचना मिलते ही टीम ने बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना होकर घायल तक पहुंच बनाई।
घटनास्थल पर पहुंचते ही संभाला मोर्चा
डायल-112 टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्ति की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से डायल-112 वाहन में बैठाकर तत्काल जिला अस्पताल, नारायणपुर रवाना किया गया। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने घायल का उपचार शुरू किया।
समय पर मिली इस मदद से घायल को दुर्घटना के बाद आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध हो सकी। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने एक बार फिर साबित किया कि आपात स्थिति में सूचना मिलने के बाद शुरुआती कुछ मिनट कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
तीन जवानों ने निभाई अहम जिम्मेदारी
इस पूरी कार्रवाई में डीसीएफ आरक्षक सुरेंद्र रजक, डीसीएफ आरक्षक अर्जुन सलाम और चालक किशन रजक की भूमिका महत्वपूर्ण रही। टीम ने सूचना मिलने के बाद तत्काल घटनास्थल पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाने तक जिम्मेदारी निभाई।
नारायणपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को आपातकालीन सेवा की संवेदनशीलता और तत्परता के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
एक कॉल पर पहुंचती है मदद
नारायणपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति, सड़क दुर्घटना, चिकित्सकीय आपात स्थिति या अन्य सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सहायता के लिए रवाना होती है।
पुलिस की अपील है कि दुर्घटना या आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। समय पर की गई एक कॉल किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है।




