सुशासन एक्सप्रेस पहुंची अबूझमाड़ के आखिरी गांव, 36 पंचायतों के 1300 लोगों को मिले आधार कार्ड
दूरस्थ अंचल में प्रशासन की बड़ी पहल | अब घर के पास मिल रहीं आधार सेवाएं, सरकारी योजनाओं का लाभ लेना होगा आसान

नारायणपुर। अबूझमाड़ के दुर्गम और वर्षों तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे गांवों तक अब प्रशासन की पहुंच लगातार मजबूत हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘सुशासन एक्सप्रेस’ के माध्यम से आधार सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। जुलाई माह के दौरान इस विशेष अभियान के तहत अबूझमाड़ क्षेत्र की 36 ग्राम पंचायतों के लगभग 1,300 हितग्राहियों को आधार कार्ड वितरित किए गए, जिससे हजारों ग्रामीणों के लिए सरकारी योजनाओं और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच का रास्ता आसान हो गया है।
जिला प्रशासन की यह पहल उन ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है, जिन्हें आधार पंजीयन या आधार कार्ड प्राप्त करने के लिए पहले लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब सुशासन एक्सप्रेस स्वयं गांव-गांव पहुंचकर आधार पंजीयन और आधार कार्ड वितरण का कार्य कर रही है, जिससे समय, श्रम और आर्थिक खर्च तीनों की बचत हो रही है।
गांव-गांव पहुंच रही आधार सेवाएं
सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से प्रशासन लगातार अबूझमाड़ के दूरस्थ एवं दुर्गम गांवों में पहुंचकर आधार पंजीयन और आधार कार्ड वितरण का कार्य कर रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर ही आधार संबंधी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को जिला मुख्यालय अथवा अन्य शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। प्रशासन का यह प्रयास दूरस्थ अंचलों में सुशासन को धरातल तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा आसानी से
आधार कार्ड मिलने के बाद हितग्राहियों को अब विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, छात्रवृत्ति, बैंकिंग सेवाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और सुगम होगी। इससे पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी।
अंतिम छोर तक प्रशासन पहुंचाने का अभियान
जिला प्रशासन का कहना है कि सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अबूझमाड़ के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच लगातार सुनिश्चित की जा रही है। अभियान का उद्देश्य शासन की आवश्यक सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और प्रत्येक पात्र नागरिक को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है।
अबूझमाड़ जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र में आधार सेवाओं का यह विस्तार केवल पहचान पत्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों को शासन की मुख्यधारा से जोड़ने, डिजिटल पहचान उपलब्ध कराने और समावेशी विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।




