नारायणपुर

नक्सलियों पर दो राज्यों का संयुक्त प्रहार: नारायणपुर में बनी नई रणनीति, सीमाओं पर कसेंगे शिकंजा

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक | संयुक्त अभियान, खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और सीमावर्ती क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई पर बनी रणनीति | जनसहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को और तेज करने का संकल्प

नारायणपुर, 27 जुलाई। नक्सल प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ संयुक्त अभियान को नई धार देने के उद्देश्य से सोमवार को नारायणपुर में छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों राज्यों के पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा करते हुए संयुक्त रणनीति तैयार की तथा नक्सल विरोधी अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत मंथन किया।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (नक्सल विरोधी अभियान) छत्तीसगढ़ विवेकानंद, महाराष्ट्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (स्पेशल ऑप्स) डॉ. छेरिंग दोरजे, संयुक्त निदेशक इंटेलिजेंस ब्यूरो तथा विशेष पुलिस महानिरीक्षक नागपुर रेंज संदीप पाटिल शामिल हुए।

वहीं नारायणपुर में आयोजित बैठक में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज बी.एन. मीणा, गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राकेचा, नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक उमेश गुप्ता सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त अभियान पर जोर

बैठक में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों की वर्तमान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संयुक्त नक्सल विरोधी अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने, खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान तथा दोनों राज्यों के सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।

साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी, समन्वित कार्रवाई और प्रभावी रणनीति के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियान को और तेज करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

खुफिया तंत्र और पेशेवर कार्यशैली पर विशेष बल

वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने, निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा उपलब्ध खुफिया सूचनाओं के आधार पर त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक रणनीति, पेशेवर कार्यशैली और प्रभावी सूचना तंत्र के माध्यम से नक्सल विरोधी अभियान को और अधिक सफल बनाया जा सकता है।

जनसहयोग को बताया सबसे बड़ी ताकत

बैठक में इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनसहयोग और मजबूत खुफिया नेटवर्क सुरक्षा अभियानों की सफलता की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के वातावरण को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्रवाई होगी और तेज

बैठक के समापन पर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, अंतर्राज्यीय समन्वय को लगातार मजबूत बनाए रखने तथा संयुक्त प्रयासों के माध्यम से नक्सल विरोधी अभियानों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।

बस्तर में निर्णायक अभियान की तैयारी

लगातार सिमटते नक्सली प्रभाव वाले बस्तर संभाग में सुरक्षा एजेंसियां अब सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष फोकस कर रही हैं। ऐसे में नारायणपुर में हुई यह उच्चस्तरीय अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक नक्सल विरोधी अभियान को नई दिशा देने और छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संयुक्त रणनीति और समन्वित कार्रवाई के जरिए सुरक्षा बल अब नक्सलियों पर और अधिक प्रभावी दबाव बनाने की तैयारी में हैं।

अबूझमाड़ लाइव न्यूज़

अबूझमाड़ लाइव न्यूज़ पक्ष पर विपक्ष पर हर एक पक्ष पर निष्पक्ष बेबाक एवं धारदार पत्रकारिता के लिए संकल्पित है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page