नारायणपुर

एग्रीस्टेक से आसान हुई खेती: अटके पंजीयन खुले, किसानों को समय पर मिला खाद-बीज

तकनीकी बाधा दूर होते ही कुकड़ाझोर के किसान बीरसिंह समेत कई किसानों को मिली राहत • जिला प्रशासन की त्वरित पहल से पूरा हुआ एग्रीस्टेक पंजीयन • अब बिना रुकावट मिल रहा खाद-बीज और शासकीय योजनाओं का लाभ

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। खेती-किसानी को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में शुरू की गई एग्रीस्टेक किसान पंजीयन व्यवस्था अब जिले के किसानों के लिए राहत का माध्यम बन रही है। प्रारंभिक तकनीकी परेशानियों के कारण जिन किसानों का पंजीयन अटक गया था, उनकी समस्याओं का जिला प्रशासन ने त्वरित समाधान कर उन्हें समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराया। इससे खरीफ सीजन में खेती प्रभावित होने से बच गई और किसानों को बड़ी राहत मिली।

ग्राम कुकड़ाझोर निवासी किसान बीरसिंह पिता माहरू भी उन किसानों में शामिल थे, जिनका एग्रीस्टेक किसान पंजीयन तकनीकी कारणों से पूरा नहीं हो पा रहा था। पंजीयन लंबित रहने के कारण उन्हें सहकारी समिति से खाद और बीज मिलने में परेशानी हो रही थी। खरीफ फसल की तैयारी के बीच समय पर कृषि आदान नहीं मिलने की चिंता लगातार बढ़ रही थी।

तहसील पहुंची शिकायत, तत्काल हुआ समाधान

अपनी समस्या लेकर बीरसिंह तहसील कार्यालय नारायणपुर पहुंचे और अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत कराया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों ने तत्काल तकनीकी जांच कराई। पंजीयन में आ रही त्रुटियों को दूर कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद किसान का एग्रीस्टेक पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण कर दिया गया।

अब समय पर मिल रहा खाद-बीज

पंजीयन पूरा होने के बाद बीरसिंह अब स्थानीय सहकारी समिति से आसानी से खाद और बीज प्राप्त कर रहे हैं। समय पर कृषि सामग्री मिलने से वे निर्धारित समय पर खेती का कार्य कर पा रहे हैं। किसान बीरसिंह ने कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं होता तो उनकी खेती प्रभावित हो सकती थी। उन्होंने जिला प्रशासन और तहसील कार्यालय का आभार जताते हुए कहा कि प्रशासन की तत्परता से उनकी चिंता दूर हुई और खेती सुचारू रूप से आगे बढ़ सकी।

दो अन्य किसानों को भी मिली राहत

इसी प्रकार ग्राम बोरण्ड के किसान वीरू तथा ग्राम कोचवाही के सगराम पोटाई को भी एग्रीस्टेक किसान पंजीयन नहीं होने के कारण खाद-बीज मिलने में कठिनाई आ रही थी। शिकायत मिलते ही प्रशासन ने दोनों मामलों में भी त्वरित कार्रवाई कर पंजीयन पूर्ण कराया। इसके बाद दोनों किसानों को भी समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो गया।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

जिला प्रशासन का कहना है कि एग्रीस्टेक किसान पंजीयन व्यवस्था का उद्देश्य किसानों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान कर किसानों को राहत देने का अभियान लगातार जारी है। इससे न केवल कृषि सेवाएं अधिक सुगम हो रही हैं, बल्कि प्रशासन और किसानों के बीच विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

 तथ्य

  • कुकड़ाझोर के किसान बीरसिंह का अटका एग्रीस्टेक पंजीयन हुआ पूरा।
  • बोरण्ड और कोचवाही के किसानों को भी मिला तत्काल लाभ।
  • पंजीयन पूर्ण होते ही किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध।
  • डिजिटल एग्रीस्टेक व्यवस्था से कृषि सेवाएं हुईं पारदर्शी, सरल और समयबद्ध

अबूझमाड़ लाइव न्यूज़

अबूझमाड़ लाइव न्यूज़ पक्ष पर विपक्ष पर हर एक पक्ष पर निष्पक्ष बेबाक एवं धारदार पत्रकारिता के लिए संकल्पित है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page