नारायणपुर

16 वर्ष बाद भी नहीं भूली शहादत, महाराबेड़ा के 27 वीरों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

जय स्तंभ चौक पर मोमबत्ती जलाकर किया नमन, बोले—इन वीरों के सर्वोच्च बलिदान ने बस्तर में शांति और विकास की राह मजबूत की

नारायणपुर, 29 जून। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के महाराबेड़ा में 29 जून 2010 को हुए नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ की 39वीं बटालियन के 27 वीर जवानों को सोमवार को पूरे सम्मान और भावभीनी श्रद्धा के साथ याद किया गया। जिला मुख्यालय स्थित जय स्तंभ चौक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नगरवासियों ने शहीदों के छायाचित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किए, मोमबत्तियां जलाकर पुष्प अर्पित किए तथा दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर सपूतों को नमन किया।

कार्यक्रम नरेंद्र मेश्राम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, नागरिक, युवा और नगर के गणमान्यजन शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले इन वीर जवानों का त्याग सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।

महाराबेड़ा की घटना आज भी ताजा

वक्ताओं ने बताया कि 29 जून 2010 को धौड़ाई थाना क्षेत्र से लगभग तीन किलोमीटर दूर महाराबेड़ा के जंगलों में नक्सलियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ की 39वीं बटालियन पर हमला किया था। इस कायराना हमले में 27 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। यह घटना बस्तर अंचल के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक मानी जाती है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।

बलिदान ने बदली बस्तर की तस्वीर

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। सुरक्षा बलों के निरंतर साहस, समर्पण और रणनीतिक प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई। आज नारायणपुर सहित पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली है और दूरस्थ इलाकों तक शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि वीर जवानों की शहादत ने नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष को नई दिशा और मजबूती प्रदान की।

मोमबत्तियां जलाकर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

जय स्तंभ चौक पर आयोजित कार्यक्रम में शहीदों के छायाचित्रों के समक्ष मोमबत्तियां जलाकर पुष्प अर्पित किए गए। उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय और अमर शहीदों के जयघोष के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भावुक बना रहा और हर किसी ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

राष्ट्र सदैव रहेगा ऋणी

कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करने वाले जवानों के साहस, त्याग और समर्पण को कभी भुलाया नहीं जा सकता। राष्ट्र उनकी वीरता का सदैव ऋणी रहेगा। शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की अमिट प्रेरणा बना रहेगा।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नगर के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं आमजन उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में अमर शहीदों को शत-शत नमन किया।

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