जहर खाकर बेसुध हुए युवक के लिए फरिश्ता बनी डायल-112
रात ढाई बजे मिली सूचना, ईआरवी-01 की फुर्ती से समय पर मिला इलाज, बच गई जान

आमगांव कुढ़ापारा से युवक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, एसपी रॉबिन्सन गुड़िया ने टीम की सराहना की
नारायणपुर, 13 जून। संकट की घड़ी में त्वरित सहायता पहुंचाने वाली डायल-112 सेवा ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। थाना फरसगांव क्षेत्र के ग्राम आमगांव कुढ़ापारा में जहर सेवन कर अचेत हुए एक युवक को डायल-112 की टीम ने समय रहते जिला अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार 12 जून की रात लगभग 2.48 बजे डायल-112 कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि ग्राम आमगांव कुढ़ापारा में एक युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलते ही डायल-112 की ईआरवी-01 टीम को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।
टीम निर्धारित समय में घटनास्थल पहुंची और अचेत अवस्था में मिले युवक को सुरक्षित वाहन में लेकर तत्काल जिला अस्पताल नारायणपुर पहुंचाया। वहां भर्ती कराकर आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। डायल-112 के त्वरित रिस्पॉन्स के कारण युवक को समय पर उपचार मिल सका और उसकी जान सुरक्षित बचाई जा सकी।
24 घंटे मुस्तैद है डायल-112 सेवा
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित डायल-112 सेवा आम नागरिकों को दुर्घटना, बीमारी, मारपीट और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय है। यह घटना डायल-112 की संवेदनशीलता, तत्परता और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण बनकर सामने आई है।
एसपी बोले- आपात स्थिति में त्वरित सहायता हमारी प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिन्सन गुड़िया (भा.पु.से.) ने डायल-112 टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डायल-112 सेवा आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए लगातार तत्पर है।
रात के सन्नाटे में जब हर पल भारी पड़ रहा था, तब डायल-112 की त्वरित कार्रवाई ने एक युवक को नया जीवन देने का काम किया। संकट के समय पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का यह उदाहरण आमजन के भरोसे को और मजबूत करता है।



