अबूझमाड़ की बेटियां गढ़ रहीं समृद्धि का नया मॉडल, महिला एफपीओ से बदलेगी खेती की तस्वीर
कस्टम हायरिंग सेंटर संचालन पर बनी सहमति, मिलेट प्रोसेसिंग और आधुनिक कृषि गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत कृषि उपकरणों से बढ़ेगी रफ्तार, महिलाओं की आय और किसानों की ताकत दोनों होंगी मजबूत
नारायणपुर। आकांक्षी जिला नारायणपुर के गुरिया में महिलाओं की अगुवाई में आत्मनिर्भरता और सामूहिक विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। अबूझमाड़ प्रोडक्शन समृद्धि महिला प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) की बैठक में कृषि और आजीविका गतिविधियों के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कस्टम हायरिंग सेंटर को शीघ्र शुरू करने पर सहमति बनी, जिससे किसानों को कृषि यंत्रों की सुविधा मिलने के साथ खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी।

महिलाओं के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल
एफपीओ की निदेशक श्रीमती सत्या बेसरा, श्रीमती दयावती और श्रीमती तुलेंद्री के नेतृत्व में क्षेत्र की महिलाएं सामूहिक खेती और आजीविका गतिविधियों को मजबूती प्रदान कर रही हैं। बैठक में महिलाओं की आर्थिक प्रगति और संगठन को और मजबूत बनाने के लिए भावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
खेती को मिलेगी नई ताकत, शुरू होगा कस्टम हायरिंग सेंटर
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) नारायणपुर के सहयोग से कस्टम हायरिंग सेंटर को जल्द शुरू करने पर सहमति बनी। इसके माध्यम से किसानों को कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
बैठक में भविष्य में उत्पादन वृद्धि, उर्वरक प्रबंधन तथा मिलेट प्रोसेसिंग जैसे कार्यों को भी एफपीओ के माध्यम से संचालित करने की योजना तैयार की गई।
प्रशिक्षण और विपणन से मिलेगा किसानों को नया बाजार
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की टीम ने एफपीओ को संग्रहण, विपणन और किसान जुड़ाव गतिविधियों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। अधिक से अधिक किसानों को एफपीओ से जोड़ने और उनकी क्षमता वृद्धि के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीकों और बेहतर बाजार व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।
वनमंत्री के प्रयासों से मिले कृषि उपकरण, बढ़ेगी रफ्तार
बैठक में बताया गया कि वन मंत्री केदार कश्यप के प्रयासों से भारतीय मिलेट अनुसंधान संस्थान (आईआईएमआर), हैदराबाद के सहयोग से एफपीओ को ट्रैक्टर, ट्रॉली, कल्टीवेटर, हैरो सहित अन्य कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
इन संसाधनों से कृषि कार्य, परिवहन व्यवस्था और सामूहिक व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही महिलाओं की आय में वृद्धि और संगठन की कार्यक्षमता को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
कई संस्थाओं की टीम रही मौजूद
बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. दिव्येंदु दास और हरेन्द्र टोंडय, एनआरएलएम से जिला परियोजना प्रबंधक नितेश देवांगन एवं सुश्री दुर्गा, नीति आयोग फेलो सुश्री अर्पिता तथा पीपीआईए फेलो राहुल कुशवाहा उपस्थित रहे। एफपीओ की ओर से श्रीमती सत्या बेसरा सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
महिला एफपीओ के लिए लिए गए बड़े फैसले
- कस्टम हायरिंग सेंटर जल्द होगा शुरू
- किसानों को कृषि यंत्रों की मिलेगी सुविधा
- मिलेट प्रोसेसिंग और उर्वरक प्रबंधन पर होगा काम
- संग्रहण और विपणन गतिविधियों को मिलेगा विस्तार
- किसानों को आधुनिक तकनीक का दिया जाएगा प्रशिक्षण
- ट्रैक्टर, ट्रॉली और अन्य उपकरणों से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
- महिलाओं की आय और आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया आधार
अबूझमाड़ की महिलाएं केवल खेती नहीं कर रहीं, बल्कि सामूहिक नेतृत्व, आधुनिक कृषि और उद्यमिता के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की मिसाल भी पेश कर रही हैं।




