नारायणपुर

वर्दी में दिखी मानवता, आत्महत्या की सोच रही महिला को पुलिस-वन विभाग ने दिया नया सहारा

रात में सड़क पर अकेली मिली महिला, छोटे डोंगर पुलिस ने भोजन, सुरक्षा और काउंसिलिंग की व्यवस्था कर बचाई जिंदगी

पति की मारपीट से परेशान होकर घर छोड़ निकली थी महिला, कई शहरों से भटकते हुए पहुंची छोटे डोंगर

(संतोष मजूमदार) छोटेडोंगर। वर्दी केवल कानून व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल भी बन सकती है। इसका उदाहरण मंगलवार रात छोटे डोंगर क्षेत्र में देखने को मिला, जहां वन विभाग और थाना छोटे डोंगर पुलिस की सतर्कता, समन्वय और मानवीय पहल ने एक परेशान महिला को आत्महत्या जैसे कदम उठाने से बचा लिया।

जानकारी के अनुसार 12 मई 2026 की रात करीब 9 बजे थाना छोटे डोंगर क्षेत्र के बड़गांव मुख्य मार्ग पर एक अज्ञात महिला अकेली और मानसिक रूप से बेहद परेशान हालत में भटकती मिली। महिला की स्थिति को देखते हुए छोटे डोंगर रेंज में पदस्थ वन विभाग के कर्मचारी अनिल पोटाई और संकुराम कावची ने संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी अप्रिय घटना की आशंका पर तत्काल छोटे डोंगर पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही थाना छोटे डोंगर की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित थाना लाया गया। पुलिस ने सबसे पहले महिला को भोजन और पानी उपलब्ध कराया तथा उसे विश्वास में लेकर धैर्यपूर्वक उसकी पूरी बात सुनी। पूछताछ में महिला ने अपना नाम सुमन मरकाम (32 वर्ष), पति किशोर मरकाम, निवासी बड़ागांव थाना विश्रामपुरी जिला कोंडागांव बताया।

महिला ने पुलिस को बताया कि पति द्वारा आए दिन शराब पीकर मारपीट किए जाने से वह मानसिक रूप से परेशान थी। इसी वजह से वह बिना किसी को बताए घर छोड़कर निकल गई। रास्ते में जो भी बस मिलती गई, उसमें बैठते हुए वह केशकाल, फरसगांव, कोंडागांव और नारायणपुर होते हुए छोटे डोंगर पहुंच गई। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि घर छोड़ने के बाद उसके मन में आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगे थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए छोटे डोंगर पुलिस ने तत्काल थाना विश्रामपुरी से संपर्क कर महिला के परिजनों को सूचना दी। देर रात होने के कारण महिला को थाना परिसर में सुरक्षित आश्रय दिया गया। चूंकि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा था और महिला तत्काल घर लौटने को तैयार नहीं थी, इसलिए उसकी सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए सखी सेंटर में काउंसिलिंग कराने का निर्णय लिया गया।

पुलिस ने परिवारजनों की उपस्थिति में समस्या समाधान के लिए प्रतिवेदन तैयार कर महिला स्टाफ के साथ महिला को मुख्यालय नारायणपुर भेजा।

इस पूरे घटनाक्रम में छोटे डोंगर पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों ने जिस संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और मानवता का परिचय दिया, वह लोगों के लिए मिसाल बन गया। समय रहते उठाए गए कदमों ने न केवल एक महिला को सुरक्षित सहारा दिया, बल्कि उसकी जिंदगी को भी नई उम्मीद दी।

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