नारायणपुर

नारायणपुर में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट

चार दिन से ईंधन की किल्लत, खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे ट्रैक्टर; पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। जिले में पिछले चार दिनों से जारी पेट्रोल और डीजल संकट अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की भारी किल्लत से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। हालात यह हैं कि किसान खेतों में कृषि कार्य शुरू नहीं कर पा रहे, वहीं सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों की आवाजाही भी प्रभावित होने लगी है। जिले के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं और घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल नहीं मिल पा रहा है।

सोमवार को गौरव पथ रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल मिलने की सूचना मिलते ही वहां दुपहिया वाहनों, ट्रैक्टरों, जेसीबी मशीनों, बोलेरो सहित अन्य वाहनों की लंबी लाइन लग गई। लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन सीमित वितरण के कारण कई वाहन चालकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।

बारिश के बाद खेती की तैयारी पर संकट

पिछले दो दिनों में हुई हल्की बारिश के बाद किसान खेतों में जुताई और अन्य कृषि कार्य शुरू करना चाहते हैं, लेकिन डीजल नहीं मिलने से ट्रैक्टर खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती की तैयारी का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है और यदि जल्द ईंधन उपलब्ध नहीं हुआ तो फसलों की बुवाई और कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

प्रशासन ने सीमित किया ईंधन वितरण

ईंधन संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने पेट्रोल और डीजल वितरण की मात्रा सीमित कर दी है। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्धारित मात्रा से अधिक ईंधन नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही डब्बों में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगा दी गई है।

प्रशासन के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसान और वाहन चालक अधिक परेशान नजर आए। स्थिति से नाराज कई किसान और वाहन चालक डब्बे लेकर कलेक्टर बंगले के सामने पहुंच गए और विरोध जताते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि उनके वाहन खेतों, सड़कों और जंगलों में डीजल खत्म होने के कारण खड़े हैं। ऐसे में वे डब्बों में डीजल लेकर वाहनों तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों पर उन्हें ईंधन देने से मना किया जा रहा है।

“हमें दारू नहीं, डीजल चाहिए”

किसानों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिला मुख्यालय में शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है, लेकिन किसानों के लिए जरूरी पेट्रोल और डीजल नहीं मिल रहा। किसान ने कहा, “हमें दारू नहीं, डीजल चाहिए।”

मशीन खराब, बढ़ा संकट

इधर, एक पेट्रोल पंप संचालक ने मशीन खराब होने का हवाला देते हुए पंप बंद रखा है, जिससे जिले में संकट और गहरा गया है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन को समय रहते ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए थी, ताकि ऐसी स्थिति उत्पन्न न होती।

व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

फिलहाल जिला प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन आम लोगों और किसानों को राहत कब मिलेगी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। लगातार बढ़ते ईंधन संकट ने जिले की आपूर्ति व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें और परेशान किसानों की नाराजगी अब जिले में गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।

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