AI तकनीक से गांवों में टीबी पर वार, हाई-रिस्क क्षेत्रों में चला विशेष स्क्रीनिंग अभियान
100 दिवसीय राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान के तहत 101 ग्रामीणों की जांच, शुरुआती पहचान और जागरूकता पर जोर

नारायणपुर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय सघन टीबी खोज एवं जागरूकता अभियान के तहत जिले के हाई-रिस्क ग्रामों में AI आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे (HHX-Ray) मशीन से विशेष स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए। आधुनिक तकनीक की मदद से ग्रामीण अंचलों में टीबी मरीजों की त्वरित पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आदका (AAM) एवं आश्रित ग्राम बोरपाल में शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की गई। शिविर में AI तकनीक युक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग की गई, जिससे शुरुआती अवस्था में रोग की पहचान आसान हो सकी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में इस तकनीक के उपयोग से जांच प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनी है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को क्षय रोग के खतरे, प्रमुख लक्षण, बचाव एवं उपचार संबंधी जानकारी भी दी गई। साथ ही मरीजों के संपर्क में आने वाले परिवार के सभी सदस्यों को अनिवार्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य टीम ने CY-TB वैक्सीन के प्रति भी लोगों को जागरूक करते हुए टीबी मुक्त पंचायत निर्माण में सहभागिता की अपील की।
इस अवसर पर जिला मलेरिया सलाहकार डॉ. परमानंद बघेल ने ग्रामीणों को मलेरिया एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हुए टीबी की रोकथाम और समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामूहिक जनभागीदारी और जागरूकता से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
शिविर के सफल संचालन में पंचायत प्रतिनिधियों, RHO, CHO, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।
स्क्रीनिंग रिपोर्ट
- कुल जांच : 101
- पुरुष : 24
- महिला : 77
स्वास्थ्य विभाग ने इसे आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता के जरिए टीबी उन्मूलन की दिशा में एक मजबूत कदम बताया है।




