बेनूर मेले से विकास का बिगुल: 10.51 करोड़ के 143 कार्यों की सौगात, सहकारी बैंक की घोषणा
वन मंत्री केदार कश्यप बोले—नक्सलवाद घटा, अब समृद्धि की ओर बढ़ेगा नारायणपुर • शिक्षा, सड़क, आवास व योजनाओं के लाभ से गांवों को मिलेगी नई रफ्तार

(कैलाश सोनी) नारायणपुर।
ओरमाखाईन माता मेले के मंच से इस बार केवल आस्था ही नहीं, बल्कि विकास का भी बड़ा संदेश गूंजा। ग्राम बेनूर में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने जिले को 10 करोड़ 51 लाख 25 हजार रुपए के विकास कार्यों की सौगात देकर नारायणपुर को नई दिशा देने का संकेत दिया।
कार्यक्रम में कुल 143 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया, जिसमें शिक्षा, अधोसंरचना, पर्यावरण और ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रकल्प शामिल हैं। यह आयोजन केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मौके पर ही हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देकर शासन की मंशा को जमीन पर उतारने की पहल भी दिखी।

143 कार्यों से बदलेगी तस्वीर
कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि इस विकास पैकेज में जिला खनिज न्यास निधि के अंतर्गत 42 कार्य, अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से 6 कार्य, क्रेडा विभाग के 3 कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा—
- 7 उच्च प्राथमिक शाला भवन निर्माण
- 12 प्रार्थना शेड निर्माण
- 57 स्कूलों का जीर्णोद्धार
- 10 बस्तर विकास प्राधिकरण के कार्य
- 5 आश्रम छात्रावासों का अनुरक्षण
जैसे कार्यों से शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

“अब विकास की राह पर अबूझमाड़”
वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि नक्सल प्रभाव में कमी आने के बाद अब नारायणपुर और अबूझमाड़ क्षेत्र तेजी से विकास की मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आने वाले समय में यह क्षेत्र प्रदेश के समृद्ध जिलों में अपनी पहचान बनाएगा।”
वनाश्रित परिवारों को राहत देते हुए उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 4 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपए करने की जानकारी भी दी।
जनकल्याण योजनाएं पहुंचीं लोगों के द्वार
कार्यक्रम में विभागीय स्टॉलों के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया गया।
इस दौरान—
- आयुष्मान कार्ड वितरण
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ‘खुशियों की चाबी’
- उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन
- राशन कार्ड वितरण
- बीज एवं मत्स्य सामग्री वितरण
- श्रमिक सहायता योजनाओं का लाभ
जैसी अनेक योजनाओं का लाभ मौके पर ही दिया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में वन मंत्री ने गर्भवती माताओं का गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन कर सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश भी दिया।
स्थानीय मांगों पर त्वरित फैसले
वन मंत्री ने क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाएं भी कीं—
- रेमावंड से कुढ़ारगांव तक सड़क निर्माण
- बेनूर में सांस्कृतिक मंच निर्माण
- सीसी सड़क और नाली निर्माण के विभिन्न कार्य
- स्वास्थ्य केंद्र से महतारी सदन तक सड़क
- धान खरीदी केंद्र में चबूतरा निर्माण
- कर्मचारी आवास निर्माण
- बेनूर में जिला सहकारी बैंक की स्थापना
इन घोषणाओं से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और बुनियादी सुविधाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में राज्य लघु वनोपज संघ अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, डीएफओ एम जी वेंकटेशा सहित प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।
मेले से निकला संदेश—विकास अब गांव की दहलीज पर
बेनूर का यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह संकेत है कि अब विकास योजनाएं कागजों से निकलकर गांवों की जमीन तक पहुंच रही हैं।
नारायणपुर में बदलते हालात के बीच यह सौगात न केवल बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्र को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।




