नारायणपुर

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत आश्रम वार्ड में पौधारोपण, पर्यावरण और मातृत्व को मिला अनूठा सम्मान

मातृभक्ति और प्रकृति के प्रति निष्ठा का भाव, वार्डवासियों ने पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

नारायणपुर।
नगर पालिका परिषद नारायणपुर के आश्रम वार्ड क्रमांक 11, चंदेनीभाटा में सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहां पर्यावरण और मातृत्व का गहरा भाव एक साथ अभिव्यक्त हुआ। अवसर था – “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत आयोजित भावनात्मक वृक्षारोपण कार्यक्रम का, जिसमें वार्डवासियों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणादायक मिसाल पेश की।

यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरणीय सोच और भावनात्मक अपील से प्रेरित था, जिसमें “धरती माँ” और “जन्म देने वाली माँ” – दोनों को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया गया।


मातृभूमि को समर्पित एक हरित पहल

कार्यक्रम में आम, नीम, करौंदा, कटहल समेत कई औषधीय और फलदार पौधों का रोपण किया गया। वार्ड पार्षद श्रीमती रमशीला नाग ने पौधरोपण करते हुए कहा—

“माँ केवल जन्म नहीं देती, वह जीवन का पोषण करती है। एक पौधा लगाकर हम न केवल अपनी माँ का सम्मान करते हैं, बल्कि धरती माँ की सेवा का भाव भी जागृत करते हैं।”

उनकी यह बात सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो उठीं और हर किसी ने अपनी माता की याद में एक-एक पौधा लगाकर प्रकृति से आत्मीयता का परिचय दिया।


जनभागीदारी बनी कार्यक्रम की आत्मा

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों की भागीदारी रही। धर्मेंद्र कुलदीप, रमेश बघेल, नरेंद्र नेताम, कन्हैया लामा, मनीषा तेता और पूजा कुलदीप सहित कई लोगों ने अपने हाथों से पौधे रोपे और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी ली।

इस अवसर पर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कुछ बच्चों ने अपनी माताओं का नाम बोलते हुए पौधों को समर्पित किया, तो कुछ ने मिट्टी में पौधे रोपते हुए कहा— “यह माँ के नाम है, मैं इसे बड़ा करूंगा।”


“एक पेड़ माँ के नाम” : एक संवेदनशील अभियान

यह अभियान अब एक साधारण पौधरोपण कार्यक्रम नहीं रह गया है। यह लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। भावनाओं और जिम्मेदारी का यह संगम अब हर घर, हर मोहल्ले में नई ऊर्जा जगा रहा है। न केवल पर्यावरण संरक्षण, बल्कि सामाजिक चेतना और पारिवारिक मूल्यों के उत्थान में भी यह पहल सहायक बन रही है।

स्वच्छता, हरियाली और संवेदना के प्रतीक इस अभियान से जुड़े नागरिकों ने बताया कि अब हर वर्ष अपनी माँ के नाम एक पौधा लगाने की परंपरा को वे जीवन का हिस्सा बना लेंगे।


प्रकृति की ओर लौटता समाज

जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक असंतुलन की स्थिति में जब पूरी दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है, ऐसे समय में “एक पेड़ माँ के नाम” जैसा अभियान समाज को एक सकारात्मक दिशा दे रहा है। यह न केवल वृक्षारोपण को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि लोगों के भीतर प्रकृति के प्रति जुड़ाव और उत्तरदायित्व की भावना भी पैदा कर रहा है।


जनप्रतिनिधियों ने किया प्रेरित

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के छोटे लेकिन अर्थपूर्ण प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव बनते हैं। वार्ड पार्षद श्रीमती रमशीला नाग ने वार्डवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अभियान आने वाले समय में एक हरित और स्वस्थ नारायणपुर की आधारशिला सिद्ध होगा।


माँ के नाम रोपे गए पौधे, बने सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय

कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। लोगों ने #एक_पेड़_माँ_के_नाम हैशटैग के साथ अपनी भावनाएं साझा कीं। कई लोगों ने अपने अनुभव लिखे और दूसरों को भी इस पहल से जुड़ने की अपील की।


एक पौधा, अनेक भावनाएं

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि भावनाएं जब संकल्प बनती हैं, तो समाज में परिवर्तन की लहर चल पड़ती है। आश्रम वार्ड का यह आयोजन आने वाले समय के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, जहां हर पौधा न सिर्फ हरियाली लाएगा, बल्कि मातृत्व, संवेदना और सामाजिक चेतना की जड़ें और गहरी करेगा।

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