नारायणपुर

बायपास की जमीन पर अब नहीं होगा सौदा, भू-अर्जन तक रोक

गुरिया-कनेरा-करलखा-गरांजी-गढ़बेंगाल बायपास परियोजना के लिए कलेक्टर का बड़ा आदेश, नामांतरण, विक्रय, बंटवारा, व्यपवर्तन और खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध

(कैलाश सोनी) नारायणपुर, 9 जुलाई। जिले की बहुप्रतीक्षित SH-05 गुरिया-कनेरा-करलखा-दुग्गाबेंगाल-गरांजी-गढ़बेंगाल (एनएच-130) बायपास सड़क परियोजना को गति देने और भू-अर्जन प्रक्रिया को विवादमुक्त एवं पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। कलेक्टर नम्रता जैन ने परियोजना से प्रभावित सभी भूमि पर भूमि अंतरण, नामांतरण, विक्रय, दान, बंटवारा, खाता विभाजन, भूमि उपयोग परिवर्तन (व्यपवर्तन) तथा खनन गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। अब भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावित भूमि पर किसी भी प्रकार का राजस्व अथवा खनन संबंधी कार्य नहीं हो सकेगा।

जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों के अनुरूप की गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही किसी लोक प्रयोजन की परियोजना के लिए भू-अर्जन का प्रस्ताव प्राप्त हो या अधिसूचना जारी हो, संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के हस्तांतरण अथवा अन्य परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि भू-अर्जन प्रक्रिया प्रभावित न हो और भविष्य में मुआवजा अथवा स्वामित्व संबंधी विवाद उत्पन्न न हों।

2025-26 के बजट में शामिल है महत्वपूर्ण सड़क परियोजना

कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क), नारायणपुर संभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल SH-05 गुरिया-कनेरा-करलखा-दुग्गाबेंगाल-गरांजी-गढ़बेंगाल (एनएच-130) बायपास मार्ग के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। वर्तमान में इस परियोजना की भू-अर्जन प्रक्रिया जारी है, जिसे समयबद्ध और निर्विवाद रूप से पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

लंबित मामलों पर भी नहीं होगी कार्रवाई

कलेक्टर के आदेश के अनुसार प्रभावित भूमि से जुड़े नामांतरण, विक्रय, दान, बंटवारा, खाता विभाजन, भूमि व्यपवर्तन, खनन अनुमति सहित इनसे संबंधित लंबित प्रकरणों में भी किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जाएगी। संबंधित राजस्व अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विवाद रोकने और पारदर्शिता पर जोर

प्रशासन का मानना है कि भू-अर्जन के दौरान भूमि के बार-बार हस्तांतरण, विभाजन या उपयोग परिवर्तन से मुआवजा वितरण और स्वामित्व निर्धारण में विवाद की स्थिति बनती है। ऐसे मामलों से बचने और परियोजना को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से प्रतिबंध लागू किया गया है।

फैक्ट फाइल

  • परियोजना: SH-05 गुरिया-कनेरा-करलखा-दुग्गाबेंगाल-गरांजी-गढ़बेंगाल (NH-130) बायपास मार्ग
  • आदेश जारी: कलेक्टर नम्रता जैन
  • प्रतिबंध: भूमि अंतरण, नामांतरण, विक्रय, दान, बंटवारा, खाता विभाजन, भूमि व्यपवर्तन और खनन
  • उद्देश्य: भू-अर्जन प्रक्रिया को पारदर्शी, विवादमुक्त और समयबद्ध बनाना
  • स्थिति: आदेश तत्काल प्रभाव से लागू, सभी संबंधित अधिकारियों को पालन के निर्देश

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