जहां कभी गूंजती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री ने लगाई जनचौपाल
नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले किसकोड़ो में जमीन पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, आदर्श ग्राम बनाने का ऐलान; आठ पंचायतों के सरपंचों की मौजूदगी में विकास का रोडमैप तैयार

रायपुर/कांकेर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड का ग्राम किसकोड़ो, जिसे कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहा जाता था, अब लोकतंत्र और विकास की नई पहचान बनता नजर आया। शुक्रवार शाम यहां ऐसा ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जिसने बदलते बस्तर की तस्वीर को नई पहचान दे दी। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, उसी स्थान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं और गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने किसी मंच के बजाय ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्या, मांग और सुझाव गंभीरता से सुने। जनचौपाल में ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंचों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और शिक्षा से जुड़ी मांगों पर दिए त्वरित निर्देश
जनचौपाल में ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, विद्युत व्यवस्था में सुधार, बंडापाल में विद्युत सब-स्टेशन का निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण सहित अनेक मांगें रखीं।
उप मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने, विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने तथा अन्य विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास को लेकर उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद आज जिस तेजी से विकास की इच्छा ग्रामीणों में दिखाई दे रही है, वह अविश्वसनीय और प्रेरणादायी है।
जो कभी था नक्सलियों का गढ़, अब बन रहा विकास का प्रतीक
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
ग्रामीण बोले- पहले नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज शासन की चौपाल लगी
जनचौपाल के दौरान ग्रामीण भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है।
ग्रामीणों ने बताया कि एक समय ऐसा था जब शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। लेकिन अब वही गांव सुरक्षा, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसे के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जैविक खेती, ब्रांडिंग और लघु वनोपज प्रसंस्करण पर रहेगा फोकस
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे “भारत माता की जय” के उद्घोष बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं।
उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि किसानों को बेहतर प्रशिक्षण देकर उनका सर्टिफिकेशन कराया जाए। आसपास की सभी पंचायतों को जोड़कर उत्पादों की ब्रांडिंग की जाए, ताकि किसानों को बेहतर बाजार मिल सके। साथ ही लघु वनोपज प्रसंस्करण की समुचित व्यवस्था विकसित करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।
ये रहे मौजूद
जनचौपाल में कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ राहुल रजक सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

