हीटवेव में भी ‘टीबी मुक्त’ मिशन तेज, नारायणपुर में AI तकनीक से जांच अभियान शुरू
100 दिवसीय अभियान में 87 हाई रिस्क गांव चिन्हित, हैंडहेल्ड एक्स-रे से घर-घर स्क्रीनिंग — 1544 जांच में 170 संदिग्ध मरीज चिन्हित

नारायणपुर।भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जनस्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिले में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान को तेज कर दिया है। अत्याधुनिक AI तकनीक से लैस हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के जरिए गांव-गांव पहुंचकर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
जिला कलेक्टर के निर्देश और स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में जिले के 87 उच्च जोखिम वाले गांवों में यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसमें 14 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से लेकर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की प्राथमिकता के साथ स्क्रीनिंग की जा रही है।

AI तकनीक से त्वरित पहचान
अभियान की खासियत अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे (HHX) मशीन है, जो सॉफ्टवेयर के जरिए संभावित टीबी मरीजों की तेजी से पहचान कर रही है। 24 मार्च से अब तक 1544 लोगों का एक्स-रे किया गया, जिसमें 170 संदिग्ध पाए गए हैं। इनका स्पुटम कलेक्शन कर आगे की जांच की जा रही है।
मोबाइल यूनिट से गांव-गांव पहुंची स्वास्थ्य सेवा
108 वाहन के माध्यम से मोबाइल यूनिट और विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर ग्रामीण क्षेत्रों में ही जांच सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 20 से अधिक गांवों में शिविर लगाए जा चुके हैं। हाल ही में आम बड़ेजम्हरी के कोचवाही और कुकड़झोर में भी शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की जांच की गई।
मैदानी स्तर पर सघन निगरानी
अभियान की निगरानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. टी. आर. कुंवर और टीबी नोडल अधिकारी डॉ. बी. एन. बनपुरिया के नेतृत्व में की जा रही है। जिला कार्यक्रम समन्वयक जयदीप देवांगन, पीपीएम समन्वयक द्वारिका प्रसाद साहू एवं पीएमडीटी समन्वयक संगीता बम्हनोटिया सहित NTEP टीम प्रतिदिन फील्ड में मॉनिटरिंग कर रही है।
टीमवर्क से अभियान को मिल रही गति
HHX-रे टीम के टिल्लू सिंह ठाकुर, एक्स-रे टेक्नीशियन आसाराम पिटाई और यशवंत कुमेटी द्वारा शिविरों का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे अभियान को गति मिली है।
अपील: समय पर जांच कराएं
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, समय पर जांच कराएं और टीबी उन्मूलन में सहयोग दें, ताकि जिले को जल्द टीबी मुक्त बनाया जा सके।




