अबूझमाड़ को मिला प्रशासनिक ताकत का नया केंद्र, कोहकामेटा में तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण
वन मंत्री केदार कश्यप ने किया उद्घाटन, बोले- अब ग्रामीणों को राजस्व और शासकीय सेवाओं के लिए नहीं करनी होगी लंबी दूरी तय

दूरस्थ अंचल में प्रशासनिक पहुंच मजबूत होने से विकास की रफ्तार को मिलेगा नया आधार
(कैलाश सोनी) कोहकामेटा/ नारायणपुर। अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों के लिए रविवार का दिन प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हुआ। वर्षों तक मूलभूत शासकीय सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी झेलने वाले क्षेत्रवासियों को अब स्थानीय स्तर पर ही कई सुविधाएं मिल सकेंगी। कोहकामेटा में नव निर्मित तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही।

स्थानीय लोगों का मानना है कि तहसील कार्यालय भवन का शुरू होना केवल एक नई इमारत का उद्घाटन नहीं, बल्कि अबूझमाड़ में प्रशासनिक व्यवस्था को गांवों के करीब लाने की दिशा में बड़ा कदम है। लंबे समय से क्षेत्र के लोग राजस्व संबंधी कार्यों के लिए जिला मुख्यालय और अन्य स्थानों के चक्कर लगाने को मजबूर थे।
अब गांव के नजदीक मिलेंगी जरूरी सेवाएं
लोकार्पण समारोह के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि शासन की प्राथमिकता दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक बेहतर प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाना है। नए तहसील कार्यालय भवन के शुरू होने से राजस्व एवं अन्य शासकीय सेवाएं स्थानीय स्तर पर अधिक सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और शासन द्वारा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। नया तहसील कार्यालय इसी विकास यात्रा की महत्वपूर्ण कड़ी है।
ग्रामीणों का समय और खर्च दोनों बचेंगे
कोहकामेटा में निर्मित यह भवन क्षेत्रवासियों को नामांतरण, बंटवारा, जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व और प्रशासनिक कार्यों के लिए एक सुलभ केंद्र उपलब्ध कराएगा। इससे ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दूर-दराज के कार्यालयों तक नहीं जाना पड़ेगा।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पहले एक राजस्व संबंधी काम के लिए कई बार लंबी यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे। अब कार्यालय नजदीक होने से लोगों को राहत मिलेगी।
विकास की मुख्यधारा से जुड़ता अबूझमाड़
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी इसे अबूझमाड़ में बढ़ती प्रशासनिक पहुंच और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। क्षेत्र में लगातार विकसित हो रहे शासकीय ढांचे को स्थानीय लोग सकारात्मक बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
लोकार्पण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम अभयजीत सिंह मंडावी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कभी प्रशासनिक सुविधाओं से दूर माना जाने वाला अबूझमाड़ अब धीरे-धीरे सुशासन और विकास की नई पहचान गढ़ रहा है। कोहकामेटा में तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण इस बात का संकेत है कि शासन की पहुंच अब दूरस्थ गांवों तक मजबूत हो रही है। आने वाले समय में यह भवन हजारों ग्रामीणों के लिए प्रशासनिक सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।




