बंदूक छोड़ी तो सरकार ने थामा हाथ: 50 आत्मसमर्पित नक्सलियों के हथियारों पर 70.68 लाख मंजूर
13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिले 24.30 लाख रुपए; कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा—हिंसा छोड़ शांति और विकास की राह चुनें, पुनर्वास योजनाओं से संवरेगा भविष्य

नारायणपुर। नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम में अब बंदूक छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वालों के पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले जिले के 50 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए हथियारों के एवज में 70 लाख 68 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। इनमें से 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 7 अगस्त को नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल एवं कलेक्टर नम्रता जैन ने 24 लाख 30 हजार 600 रुपए की राशि वितरित की।

हथियार जमा किए, अब मिलेगी नई जिंदगी
शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को विभिन्न प्रकार की सहायता और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले पात्र लोगों को उनके द्वारा जमा किए गए हथियारों के एवज में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन का अवसर देने के साथ रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर स्थायी रूप से समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है।
13 परिवारों को मिला आर्थिक संबल
प्रोत्साहन राशि वितरण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल एवं कलेक्टर नम्रता जैन ने 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कुल 24,30,600 रुपए की राशि प्रदान की। यह राशि उनके द्वारा जमा किए गए शस्त्रों के एवज में स्वीकृत प्रोत्साहन राशि के तहत वितरित की गई।
राशि मिलने से आत्मसमर्पित लोगों को पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ने तथा परिवार के लिए बेहतर भविष्य तैयार करने का आर्थिक आधार मिलने की उम्मीद है।
कलेक्टर बोलीं—हिंसा छोड़ विकास की राह चुनें
कलेक्टर नम्रता जैन ने आत्मसमर्पित लोगों से शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाकर अपने परिवार के साथ बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति, विकास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ना क्षेत्र और समाज के हित में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आत्मसमर्पित लोगों को उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा देने के लिए प्रेरित किया।
शेष पात्रों को भी मिलेगा लाभ
जिले में शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले शेष पात्र हितग्राहियों को भी नियमानुसार स्वीकृत प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जाएगा। प्रशासन की ओर से आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास की प्रक्रिया के माध्यम से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं।
70.68 लाख की स्वीकृति और 24.30 लाख के तत्काल वितरण को नक्सल प्रभावित क्षेत्र में केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि हिंसा से विकास की ओर लौटने वाले लोगों के लिए नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।




