अबूझमाड़ में बदली तस्वीर: जहां कभी विकास के रास्ते रोके जाते थे, वहीं अब जनकल्याण की नई इबारत
मसपुर में मायका केंद्र का शुभारंभ, प्रधानमंत्री आवास की चाबियां सौंपीं, मोटर बाइक एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी; बोले केदार कश्यप– अबूझमाड़ अब विकास, विश्वास और सुशासन की नई पहचान

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। कभी नक्सलवाद की चुनौतियों और विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं के लिए पहचाना जाने वाला अबूझमाड़ अब विकास, विश्वास और सुशासन की नई मिसाल बनकर उभर रहा है। नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर ओरछा विकासखंड के ग्राम मसपुर में शनिवार को मायका केंद्र का शुभारंभ नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपीं, बच्चों से आत्मीय संवाद किया तथा दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए मोटर बाइक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में भाजपा की डबल इंजन सरकार अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी सरकारी भवनों को क्षतिग्रस्त किया जाता था, सड़क निर्माण और विकास कार्यों को रोकने का प्रयास होता था, आज वहीं सड़कें बन रही हैं, पुल खड़े हो रहे हैं और जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं।

उन्होंने कहा कि बासिंग पुल और कोहकामेटा पुल का लोकार्पण केवल आधारभूत संरचना का विस्तार नहीं, बल्कि वर्षों से विकास की प्रतीक्षा कर रहे हजारों ग्रामीणों के सपनों को साकार करने वाला ऐतिहासिक कदम है। इन पुलों ने दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोले हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मसपुर में प्रारंभ किया गया मायका केंद्र दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा। प्रसव की संभावित तिथि से लगभग 15 दिन पूर्व गर्भवती माताओं को यहां लाकर सुरक्षित आवास, पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय देखरेख की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना, मोटर बाइक एम्बुलेंस और मायका केंद्र जैसी पहलें इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि अबूझमाड़ अब चुनौतियों और बाधाओं की नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और नई संभावनाओं की पहचान बन रहा है। जहां कभी विकास के रास्ते रोके जाते थे, आज वहीं विकास स्वयं लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है।




