अबूझमाड़ में पहली बार गूंजी ‘मन की बात’, इमली पेड़ के नीचे ग्रामीणों संग बैठे मंत्री केदार
नक्सलमुक्ति के बाद इरकभट्टी पहुंचे वन मंत्री केदार कश्यप, सैकड़ों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सुना प्रधानमंत्री का संबोधन

(कैलाश सोनी) इरकभट्टी /नारायणपुर। अबूझमाड़ के दूरस्थ इरकभट्टी गांव में रविवार को बदले हुए माहौल की एक अलग तस्वीर देखने को मिली। कभी नक्सली प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे रहे इस गांव में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया गया। खास बात यह रही कि नक्सलमुक्ति के बाद पहली बार किसी मंत्री की गांव में दस्तक हुई। वन मंत्री केदार कश्यप ने ग्रामीणों के साथ इमली पेड़ की छांव तले बैठकर कार्यक्रम सुना।


कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। पूरे गांव में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री के विचारों और देश के विकास से जुड़े विषयों को ध्यानपूर्वक सुना। ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने एथलेटिक्स में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के संघर्ष और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रेरित किया।
जहां कभी था डर, वहां अब विकास की चर्चा
ग्रामीणों ने बताया कि एक समय क्षेत्र में नक्सली प्रभाव इतना अधिक था कि लोग भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर थे। अब हालात बदल रहे हैं और शांति का वातावरण बनने लगा है। इसी बदले माहौल में पहली बार ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
मुख्यधारा से जुड़ रहा अबूझमाड़
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ में विकास और विश्वास दोनों तेजी से मजबूत हो रहे हैं। शासन की योजनाएं गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इरकभट्टी में ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बदलते अबूझमाड़ की नई पहचान है।
बदलाव की प्रतीक बनी इमली पेड़ की चौपाल
गांव के बीच स्थित इमली पेड़ के नीचे आयोजित यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक सहभागिता और सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन गया। जिस क्षेत्र की पहचान कभी भय और बंदूक से होती थी, वहीं अब ग्रामीण स्वेच्छा से एकत्र होकर देश के प्रधानमंत्री के विचार सुन रहे हैं। इरकभट्टी की यह चौपाल अबूझमाड़ में लौटते विश्वास, शांति और विकास की नई कहानी बयां कर रही है।
नक्सल प्रभाव घटने के बाद पहली बार किसी मंत्री का इरकभट्टी दौरा, ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सुनी ‘मन की बात’, विकास और लोकतंत्र के प्रति बढ़ते भरोसे की दिखी झलक।




