धर्मांतरण पर छोटेडोंगर में उबाल: सर्व समाज ने दी ‘घर वापसी’ की समयसीमा
तीसरी बैठक में हजारों की मौजूदगी, धर्मांतरित परिवारों से 30 अप्रैल तक मूल धर्म अपनाने की अपील

नारायणपुर/छोटेडोंगर। नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र में धर्मांतरण का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। 84 परगना के सर्व समाज द्वारा इस विषय को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है। शनिवार को गोंडवाना समाज भवन में आयोजित तीसरी बैठक में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जहां धर्मांतरित परिवारों से अपने मूल धर्म में लौटने की अपील की गई और इसके लिए 30 अप्रैल तक की समयसीमा तय की गई।

बैठक में सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में कुछ समय से लोगों के पारंपरिक रीति-रिवाज, संस्कृति और देवी-देवताओं की आस्था छोड़कर धर्म परिवर्तन करने के मामले सामने आ रहे हैं। इसे लेकर समाज में चिंता और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है। समाज के लोगों ने इसे सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए एकजुट होकर पहल शुरू की है।
धर्मांतरित परिवार बैठक से रहे दूर
गोंडवाना समाज भवन में आयोजित इस बैठक में धर्मांतरित परिवारों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनके किसी भी सदस्य ने उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। इसके बावजूद सर्व समाज ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए धर्मांतरित परिवारों को 30 अप्रैल तक अपने मूल धर्म में लौटने की अपील की है।
चर्च पर कार्रवाई की मांग तेज
इससे पहले भी सर्व समाज द्वारा आयोजित बैठक में छोटेडोंगर क्षेत्र में संचालित चर्च के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई थी। इस संबंध में राज्यपाल के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया था। ज्ञापन में ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
लगातार बैठकों से बढ़ा दबाव, चर्चा का विषय बना मुद्दा
सूत्रों के अनुसार सर्व समाज द्वारा लगातार की जा रही बैठकों और अपीलों से क्षेत्र में दबाव का माहौल बन रहा है। चर्चा है कि कुछ धर्मांतरित परिवार मूल धर्म में लौटने की इच्छा भी जता रहे हैं, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर क्षेत्र में बढ़ती हलचल के बीच प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि 30 अप्रैल तक समाज की अपील का क्या असर होता है और स्थिति किस दिशा में जाती है।




