नारायणपुर

सोनपुर रोड पर ‘जाम’ की जकड़न, प्रशासन-व्यापारी आमने-सामने

बैठक में बने सख्त फैसले—अवैध पार्किंग हटेगी, तय समय पर ही होगा लोडिंग-अनलोडिंग

पार्किंग और डंपिंग यार्ड के अभाव पर उठा बड़ा सवाल, समाधान के संकेत भी…

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। जिले का सबसे बड़ा व्यावसायिक केंद्र सोनपुर रोड इन दिनों अव्यवस्थित यातायात, अतिक्रमण और पार्किंग संकट के चलते ‘जाम के जाल’ में फंस चुका है। रोजाना हजारों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर हालात ऐसे हैं कि आम लोगों का चलना दूभर हो गया है, वहीं दुर्घटनाएं भी आम बात बनती जा रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मंगलवार को यातायात शाखा कार्यालय में पुलिस, नगर पालिका और व्यापारी संघ के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। वहीं व्यापारियों ने भी व्यवस्था सुधार में सहयोग का भरोसा दिलाया, लेकिन वर्षों से लंबित पार्किंग और डंपिंग यार्ड की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।


व्यवसाय का केंद्र, लेकिन व्यवस्था शून्य

सोनपुर रोड केवल नारायणपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी प्रमुख व्यापारिक हब है। यहां कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, किराना, ज्वेलरी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की सैकड़ों दुकानें संचालित होती हैं। लेकिन विडंबना यह है कि इतने बड़े बाजार के लिए आज तक न तो कोई व्यवस्थित पार्किंग बनाई गई और न ही व्यापारिक गतिविधियों के लिए अलग से डंपिंग या लोडिंग-अनलोडिंग ज़ोन निर्धारित किया गया।

नतीजा यह है कि ग्राहक अपने वाहन दुकानों के सामने सड़क पर ही खड़े कर देते हैं। दुकानदार भी सामान सड़क तक फैलाकर रखते हैं और जब माल आता है तो बड़ी-छोटी गाड़ियां घंटों सड़क पर खड़ी होकर अनलोडिंग करती हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और जाम की स्थिति दिनभर बनी रहती है।


बैठक में क्या हुआ, किन मुद्दों पर बनी सहमति

पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुड़िया (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में पार्षद प्रवीण जैन, एसडीओपी लोकेश बंसल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रामचन्द्र यादव, यातायात प्रभारी मोहसिन खान सहित व्यापारी संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी—

✔️ सड़क किनारे अवैध पार्किंग पूरी तरह हटाई जाएगी।
✔️ दुकानों के बाहर सामान, पोस्टर और बैनर रखने पर रोक लगेगी।
✔️ लोडिंग और अनलोडिंग केवल निर्धारित समय पर ही होगी।
✔️ यातायात बाधित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह केवल अपील नहीं बल्कि सख्ती से लागू किए जाने वाले नियम होंगे।


मौके पर पहुंची टीम, व्यापारियों को दी समझाइश

बैठक के बाद पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने सोनपुर रोड का निरीक्षण किया। दुकानदारों को मौके पर ही समझाइश दी गई कि वे सड़क पर अतिक्रमण और पार्किंग से बचें। अधिकारियों ने कहा कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो चालानी कार्रवाई के साथ-साथ सामान जब्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।


दुर्घटनाओं का बढ़ता ग्राफ बना चिंता का कारण

बैठक में यह बात भी सामने आई कि सोनपुर रोड पर बीते कुछ महीनों में छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। जाम और अव्यवस्थित ट्रैफिक इसके मुख्य कारण हैं। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।


व्यापारियों ने रखी वर्षों पुरानी मांग

बैठक में व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि वे नियमों का पालन करने को तैयार हैं, लेकिन प्रशासन को भी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।

व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखीं—

1. स्थायी पार्किंग व्यवस्था

व्यापारियों का कहना था कि जब तक ग्राहकों के लिए पार्किंग नहीं बनेगी, तब तक सड़क पर वाहन खड़े होने से नहीं रोके जा सकते। एक बहुमंजिला या ओपन पार्किंग स्थल की तत्काल आवश्यकता है।

2. डंपिंग/लोडिंग यार्ड

दूर-दराज से आने वाला माल सीधे दुकानों तक पहुंचता है। यदि शहर के बाहर या पास में कोई डंपिंग यार्ड बनाया जाए, जहां से छोटे वाहनों के माध्यम से सामान दुकानों तक पहुंचे, तो जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।


प्रशासन को मिलेगा राजस्व, समस्या भी होगी हल

विशेषज्ञों और व्यापारियों का मानना है कि यदि डंपिंग यार्ड और पार्किंग का निर्माण किया जाता है, तो इससे प्रशासन को भी अच्छा खासा राजस्व प्राप्त हो सकता है। साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था भी पटरी पर आ सकती है।


सड़क चौड़ीकरण के प्रयास रहे अधूरे

सोनपुर रोड के चौड़ीकरण को लेकर पहले भी कई बार प्रयास किए गए, लेकिन अतिक्रमण और अन्य कारणों से यह योजना सफल नहीं हो सकी। अब एक बार फिर इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया है और भविष्य में चौड़ीकरण की संभावना पर भी चर्चा हुई।


अब कार्रवाई की घड़ी, नहीं तो बिगड़ेंगे हालात

बैठक के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब केवल बैठकें नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।


‘जनसहयोग से ही सुधरेगी व्यवस्था’

अधिकारियों ने कहा कि यातायात व्यवस्था सुधारना केवल प्रशासन का काम नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता और व्यापारियों की भी समान भागीदारी जरूरी है। यदि सभी मिलकर नियमों का पालन करें, तो सोनपुर रोड को जाम मुक्त बनाया जा सकता है।


समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल

सोनपुर रोड की समस्या नई नहीं है, लेकिन पहली बार इस तरह प्रशासन और व्यापारियों के बीच गंभीर चर्चा और ठोस निर्णय सामने आए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि ये फैसले जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू होते हैं।

यदि पार्किंग और डंपिंग यार्ड की व्यवस्था हो जाती है और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है, तो निश्चित रूप से सोनपुर रोड की तस्वीर बदल सकती है—जहां आज जाम और अव्यवस्था है, वहां कल सुचारू यातायात और सुरक्षित माहौल नजर आ सकता है।

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